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सीधा सवाल। छोटीसादड़ी।
भारत की आगामी जनगणना को आधुनिक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। इस बार की जनगणना पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस होगी, जो डिजिटल इंडिया के संकल्प को चरितार्थ करेगी। इसी कड़ी में प्रगणकों और प्रशिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने हेतु आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण का समापन हुआ।
16 मई से 14 जून तक मकान सूचीकरण का महाभियान कार्यशाला में आगामी समय सारणी स्पष्ट करते हुए बताया गया कि जनगणना का प्रथम चरण 'मकान सूचीकरण और मकान गणना' (Houselisting & Housing Census) आगामी 16 मई से विधिवत शुरू किया जाएगा। यह अभियान 14 जून तक अनवरत चलेगा। इस एक माह की अवधि में प्रगणक घर-घर जाकर भवनों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और परिवारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी डिजिटल माध्यम से एकत्रित करेंगे। फील्ड ट्रेनर्स ने दी मोबाइल एप्लिकेशन की मास्टर ट्रेनिंग
प्रशिक्षण शिविर के मुख्य आकर्षण फील्ड ट्रेनर्स रहे, जिन्होंने प्रगणकों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया। कमलेश मेनारिया, सुनील बम्बोरिया, सीताराम मेनारिया, दीपक शर्मा, घनश्याम शर्मा और कन्हैया लाल ने विशेष सत्रों के माध्यम से मोबाइल ऐप के संचालन की बारीकियां सिखाईं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ऐप के जरिए डेटा अपडेट किया जाएगा, जिससे गणना कार्य में मानवीय त्रुटियों की संभावना न्यूनतम हो जाएगी। ट्रेनर्स ने फील्ड में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और उनके त्वरित समाधान के गुर भी सिखाए।सटीकता और गोपनीयता पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान बताया कि जनगणना का डेटा देश की आगामी 10 वर्षों की विकास नीतियों, बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं का आधार बनता है। इसलिए, जानकारी की शुद्धता और सटीकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। फील्ड ट्रेनर्स ने प्रगणकों को निर्देशित किया कि वे डेटा की गोपनीयता बनाए रखें और नागरिकों से जानकारी लेते समय अत्यंत विनम्र और पारदर्शी रहें। ऑनलाइन प्रक्रिया होने से डेटा का विश्लेषण तेजी से हो सकेगा, जो राष्ट्र निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।तकनीकी सुदृढ़ीकरण और व्यावहारिक अभ्यास प्रशिक्षण के अंतिम चरण में सभी प्रगणकों से मोबाइल ऐप का डमी अभ्यास करवाया गया। ऐप में डेटा सिंक करने, ऑफलाइन मोड में काम करने और नेटवर्क क्षेत्र में आने पर डेटा अपलोड करने जैसी प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया गया। फील्ड ट्रेनर्स की टीम ने प्रगणकों की हर छोटी-बड़ी शंका का मौके पर ही समाधान किया।इस विशेष प्रशिक्षण के बाद अब प्रगणकों की टोलियां पूरी तरह से तैयार हैं, जो 16 मई से क्षेत्र के प्रत्येक घर तक पहुँचकर इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफल बनाएंगी।