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सीधा सवाल। छोटीसादड़ी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार शाम छोटीसादड़ी उपखंड के बम्बोरी गांव पहुंचे, जहां उनका दौरा ग्रामीणों के लिए यादगार बन गया। शाम करीब 6:40 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर हेलीपैड पर उतरा। यहां कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। हेलीपैड से मुख्यमंत्री का काफिला सीधे कार्यक्रम स्थल पहुंचा, जहां महिलाएं मौजूद थी।
गैर नृत्य में शामिल हुए मुख्यमंत्री, कलाकारों का बढ़ाया उत्साह
मुख्यमंत्री के आगमन पर आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक गैर नृत्य के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री स्वयं कलाकारों के बीच पहुंचे और हाथ में लाठी लेकर गैर नृत्य में शामिल हुए। मुख्यमंत्री के आत्मीय व्यवहार और अपनत्व से कलाकार अभिभूत नजर आए। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने भी मुख्यमंत्री का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
खाट पर बैठकर लगाई चौपाल, देर रात तक ग्रामीणों से संवाद
मुख्यमंत्री ने बम्बोरी गांव में रात्रि प्रवास किया और देर रात तक ग्राम विकास चौपाल में महिलाओं, किसानों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद किया। चौपाल में मुख्यमंत्री खाट पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते नजर आए। खेती, सिंचाई, पेयजल, सड़क, बिजली, रोजगार, शिक्षा, जनजाति विकास और अन्य स्थानीय विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीण महिलाओं ने लखपति दीदी, कृषि सखी, पशु सखी और बैंक सखी जैसी योजनाओं से हुए बदलावों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। किसानों और पशुपालकों ने आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रिप सिंचाई, प्राकृतिक खेती, पशुपालन और डेयरी विकास को लेकर सुझाव रखे। वहीं युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और रोजगार के अवसरों को लेकर राज्य सरकार की सराहना की।
महिलाओं से सीधा संवाद, समस्याओं के समाधान का भरोसा
कार्यक्रम में महिलाओं में मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। महिलाओं ने पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि मातृ शक्ति के आत्मनिर्भर और सशक्त बनने से ही देश समृद्ध होगा। लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 21 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है तथा 16 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया गया है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कहा कि वे समाज और सरकार के बीच मजबूत कड़ी बनकर अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता से जोड़ें। ग्राम विकास चौपाल में महिला प्रभारी मंत्री, महिला संभागीय आयुक्त, महिला कलेक्टर और महिला सरपंच की उपस्थिति प्रेरणादायी रही। मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया और हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
किसानों से बोले मुख्यमंत्री - बदलते दौर में अपनाएं लाभकारी खेती
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में किसानों को लाभकारी खेती की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती अपनाने, फलदार पौधे लगाने, सोलर ऊर्जा से जुड़ने और फव्वारा प्रणाली जैसी जल संरक्षण तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि 23 से 25 मई तक जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-ग्राम 2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स और कृषि उद्योगों से जुड़े लोग भाग लेंगे।
डबल इंजन सरकार में किसान हो रहा मालामाल, किसानों ने साझा किए अनुभव
मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए किसानों ने कहा कि डबल इंजन सरकार में किसानों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। किसान मांगीलाल ने बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से जैविक खेती कर रहे हैं और लगातार नवाचार कर रहे हैं। किसान सुरेश ने कहा कि कृषि क्षेत्र में मिलने वाली सब्सिडी और सम्मान निधि से काफी लाभ हो रहा है। वहीं किसान सीताराम धाकड़ ने बताया कि सरकारी योजनाओं से खेती में अच्छा फायदा मिल रहा है। पशुपालक बालूराम ने मंगला पशु बीमा योजना को राहतकारी बताया, जबकि किशनजी ने कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से बेहतर परिणाम मिलने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने पशुपालकों की मांग पर सरस डेयरी बूथ खोलने और बम्बोरी तालाब के सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए।
पेपरलीक पर प्रभावी अंकुश से लौटा युवाओं का विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा माता-पिता और राष्ट्र की सबसे बड़ी आशा हैं। उन्होंने कहा कि पहले पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं और उनके परिवारों के सपने टूट जाते थे, लेकिन राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में पेपरलीक पर प्रभावी अंकुश लगाया है और एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। युवा उत्सव जैन सहित कई युवाओं ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर कार्य कर रही है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बम्बोरी की छात्रा लवीशा ने विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने छात्रा की बात सुनते हुए विद्यालय में विज्ञान संकाय शुरू करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 27 अप्रैल से ग्राम विकास रथ अभियान शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से हर पंचायत तक सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सुझाव पेटिका के माध्यम से आमजन से सुझाव भी लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान के तहत पहली बार गांव और वार्डों के लिए वर्ष 2030, 2035 और 2047 तक का विकास रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसमें पानी, सड़क, शिक्षा और चिकित्सा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री के साथ सांसद सीपी जोशी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, विधायक श्रीचंद कृपलानी, विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर सिंह कृष्णावत, चित्तौड़ भाजपा जिलाध्यक्ष रतन लाल गाडरी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
मंच पर प्रोटोकॉल की सख्ती, कार्यक्रम स्थल पर बदली व्यवस्था, टेंट के पीछे खड़े रहे कई स्थानीय दिग्गज
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं में आखिरी समय में बदलाव भी चर्चा का विषय बना रहा। कार्यक्रम शुरू होने से पहले सीएम और अतिथियों के बैठने के लिए कार्यक्रम स्थल पर कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन जैसे ही मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पहुंचे तो आनन-फानन में कुर्सियां हटाकर खाट लगा दी गईं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर ग्रामीणों से संवाद किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक प्रोटोकॉल और राजनीतिक तालमेल की कमी भी चर्चा में रही। मंच पर सीमित स्थान होने के कारण प्रतापगढ़ जिले के कई वरिष्ठ स्थानीय नेताओं को जगह नहीं मिल सकी। जिलाध्यक्ष महावीर सिंह कृष्णावत और मंत्री हेमंत मीणा को छोड़कर जिले के कई पूर्व पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता दर्शक दीर्घा में भी स्थान नहीं पा सके। ऐसे में कई नेताओं को टेंट के पीछे खड़े होकर कार्यक्रम देखना पड़ा। दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था के चलते प्रशासन का रवैया महिलाओं के प्रति काफी सख्त नजर आया। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं को करीब तीन घंटे तक एक ही स्थान पर बैठाए रखा गया। इससे घर लौटने की जल्दी में मौजूद महिलाओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच हल्की नोकझोंक की स्थिति भी देखने को मिली।
सुबह पैदल निकले मुख्यमंत्री, बच्चों को बांटी चॉकलेट, ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बम्बोरी गांव में गुरुवार सुबह पैदल भ्रमण कर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। गांव की गलियों में पैदल चलते हुए मुख्यमंत्री ने स्थानीय सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री बच्चों के बीच भी पहुंचे और उनसे पढ़ाई, स्कूल और होमवर्क को लेकर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साह बढ़ाया। वहीं बुजुर्गों से स्वास्थ्य सेवाओं और पेंशन योजनाओं की जानकारी ली तथा महिलाओं से राजीविका और स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ाव को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के विकास से ही विकसित राजस्थान का सपना साकार होगा और राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। पैदल भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीनाथ मंदिर एवं चारभुजानाथ जी मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।