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सैकड़ो महिलाओं एवं पुरुषों की उपस्थिति में श्री मद भागवत कथा की हुई पूर्णाहुति
सीधा सवाल। कपासन। नगर से दुर्गा माता मार्ग स्थित बड़ला वाले सगस जी बावजी मंदिर परिसर में 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक आयोजित भागवत कथा का बुधवार को समापन हुआ।पंडित मनोज शर्मा मनोज शर्मा ने बताया की कथा के शुभारंभ में 25 दिसंबर को प्रातः 11:15 से भव्य अमृत कलश एवं भागवत ग्रंथ की शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। बैंड बाजा की मधुर स्वर लहरियों के मध्य आयोजित शोभा यात्रा पंचमुखी बालाजी कपासन से नगर के मुख्य मार्गो से होती हुई कथा स्थल सगस जी बावजी मंदिर परिसर तक निकाली गई।श्रीमद् भागवत कथा में व्यास पीठ पर पं. आशीष आनन्द महाराज द्वारा प्रतिदिन 12:15 से 4:00 बजे तक भागवत कथा श्रवण किया गया।कथा का यह आयोजन नगर के सभी धर्म प्रेमी बंधुओ, क्षेत्र तथा नगर वासियों द्वारा किया गया।भागवत सप्ताह के इस आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रीमद् भागवत कथा में मंगलवार को छप्पन भोग का आयोजन किया गया।श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन सैकड़ो की संख्या में महिलाओं पुरुषों ने भाग लिया। भागवत कथा आयोजन के प्रथम दिवस कलश धारण करने वाली महिलाओं को पूर्णाहुति के उपरांत पुनः कलश प्रदान किए गए। जिन्हें विधि विधान के अनुसार महिलाएं घर पर स्थापित करेगी। भागवत कथा के अंतिम दिवस ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कपासन के पूर्व अध्यक्ष दिनेश चाष्टा,नगर मंडल कांग्रेस अध्यक्ष एवं एडवोकेट पवन शर्मा,जिला कमेटी चित्तौड़गढ़ के उपाध्यक्ष एवं नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि पूर्व पार्षद राजीव सोनी,पूर्व पार्षद पुखराज खाब्या,इंटक नेता प्रकाश व्यास, सत्य प्रकाश व्यास ने श्रीमद् भागवत कथा में व्यास पीठ पर पं. आशीष आनन्द महाराज का पुष्प हार पहनकर अभिनंदन किया। इस दौरान आयोजक मंडल के प्रतिनिधियों द्वारा उपरना पहना कर स्वागत किया गया। श्रीमद् भागवत कथा पूर्णाहुति कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक अर्जुन लाल जीनगर, पूर्व विधायक बद्री लाल जाट सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।आयोजक मंडल के सदस्यों द्वारा निर्धारित परंपरा के अनुसार जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। पूर्व विधायक बद्री लाल जाट ने व्यास पीठ पर विराजमान पंडित आशीष आनंद महाराज का मेवाड़ी परंपरा अनुसार साफा बांधकर स्वागत किया। इस दौरान पूर्व विधायक बद्री लाल जाट ने कहा कि मेवाड ने हमेशा सनातन धर्म एवं सनातन संस्कृति की रक्षा की हैं। वर्तमान परिपेक्ष में श्रीमद् भागवत कथा ही सनातन धर्म की उन्नति का मार्ग हैं।श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से मन को शांति मिलती है एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता हैं।