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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। नववर्ष प्रारंभ होने में कुछ ही घंटे शेष है। वहीं मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का रैला उमड़ रहा है। सांवलियाजी आने-जाने वाले मार्गों पर वाहनों की रेलमपेल देखने को मिल रही है। वहीं अभी से ही घंटों लाइन में इंतजार करते श्रद्धालु नजर आ रहे है। यहां बुधवार के अलावा और 1 जनवरी को सांवलियाजी मंदिर में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है। पिछले कुछ वर्षों से नववर्ष के मौके पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। हालांकि अभी से ही कई घंटों की कतारों के बाद ही भगवान के दर्शन हो पा रहे है। मंदिर मंडल द्वारा भीड़ की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त बेरिकेटिंग और जिक जेक बेरिकेटिंग करवाई गई है। बढ़ती भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस और सुरक्षा गार्ड तैनात किये गये है। पिछले कुछ दिनों में मंदिर की टाइगर सिक्यूरिटी फोर्स और श्रद्धालुओं के बीच हुए टकराव के बाद सुरक्षा व्यवस्था चौकस बनाये जाने के प्रयास किये जा रहे है, लेकिन यह सभी इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे है। इधर, चित्तौड़ दुर्ग पर भी जाम की स्थिति बनी हुई है। वहीं शहर की सभी प्रमुख होटलों में कमरे खाली नहीं हैं।
अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मंदिर सीईओ प्रभा गौतम ने बताया कि श्री सांवलियाजी मंदिर में दर्शन को लेकर पिछले तीन दिनों से व्यवस्थाएं माकूल की गई है। अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्थाएं की गई है। जिगजैग बनाया है, जिससे श्रद्धालुओं का प्रवेश हो रहा है। मुख्य दिवस एक जनवरी को 12 लाख से अधिक श्रद्धालु आने की संभावना हैं। इसी को देखते हुवे मंदिर प्रशासन ने व्यवस्थाएं की है। सुरक्षा को लेकर मंदिर प्रशासन के गार्ड के अलावा पुलिस बल को भी तैनात किया गया है।
फूलों से की गई विशेष सजावट
अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रभा गौतम ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं के अलावा नए वर्ष पर विशेष सजावट भी की गई है। मंदिर में फूलों से सजावट हुई है। मंदिर परिसर में जगह जगह पुष्प सहित अन्य आर्टिफिशियल वस्तुओं से की गई सजावट श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। दर्शन ज्यादा सुगम तरीके से हो इसके प्रयास किए हैं।
इधर, दुर्ग पर जाम में फंसे वाहन
विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़ दुर्ग पर भी सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। अवकाश के चलते सैलानियों की बढ़ती संख्या में दुर्ग पर जाम की स्थिति पैदा कर दी है। वहीं हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने से अब देशी-विदेश सैलानियों को लम्बी कतारों से जूझना पड़ रहा है। चित्तौड़ पहुंच रहे पर्यटकों के लिए न तो कोई सुनियोजित प्रवेश और निकासी की योजना बनाई गई है और न ही मार्ग में बने फुटपाथ पर कब्जे, बड़े चबूतरे और नॉन वेडिंग जोन को खत्म किया गया है। दुर्ग जाने वाले मार्ग पर प्रवेश और निकासी के लिए महज पाडनपोल ही एक द्वार है जो संकरा होने की वजह से जाम लग जाता है और समस्या गंभीर हो जाती है। लम्बे समय से वैकल्पिक मार्ग खोलने की मांग की जाती रही है लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते प्रगति नहीं हो पाई है और नेताओं के दावे कागजी रह गये है।
शहर के होटल हुवे फुल, आरडीसी की होटल पर स्वागत
नववर्ष से पूर्व छुट्टियों में पर्यटकों का आलम यह है कि शहर के सभी छोटे-बड़े हाेटल, धर्मशालाएं, गेस्ट हाऊस फुल हो गए है। वहीं पर्यटकों के आवागमन का सिलसिला जारी है। जानकारी के अनुसार कई होटलों के तो किराये में भी इजाफा हाे गया है लेकिन पर्यटकों के बूम की वजह से सैलानी ऊंचे दाम देने को मजबूर है। राजस्थान टूरिस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आरटीडीसी) के मैनेजर रविन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि बुधवार तक पिछले 8 दिनों से आरटीडीसी की होटल में एक भी कमरा खाली नहीं है। उन्होंने कहा कि नववर्ष के मौके पर होटल में विशेष सजावट और ठहरे हुए सैलानियों के लिए म्यूजिक का इंतजाम किया गया है। चतुर्वेदी ने बताया कि नए साल के स्वागत को लेकर आरटीडीसी की होटल पन्ना पर विद्युत सजावट की है।