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सीधा सवाल। कपासन। क्षेत्र के निकटवर्ती गांव रंडियारर्डी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का संचालन अब अस्थाई तौर पर एक भामाशाह के निजी भवन में होगा।विद्यालय भवन के जर्जर होने के कारण यह निर्णय लिया गया।विद्यालय प्रबंधन समिति एसएमसी और ग्रामवासियों ने एक बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया।विद्यालय की प्रधानाचार्य भगवती सोनी ने बताया कि भवन की खराब स्थिति को देखते हुए निदेशक, शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने विद्यालय को कपासन स्थित भील बस्ती के विद्यालय भवन में अस्थाई रूप से संचालित करने के निर्देश दिए थे। हालांकि यह स्थान गांव से लगभग चार किलोमीटर दूर था, जिससे बच्चों के लिए वहां पहुंचना मुश्किल हो जाता। ग्रामीणों ने इस निर्णय को अव्यवहारिक बताया।इसके बाद विद्यालय स्टाफ, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, एस एम सी सदस्य और ग्रामवासियों ने एक बैठक की।इसमें गांव के समाजसेवी और भामाशाह रतन लाल पुत्र जीतू जाट ने अपने निजी भवन को विद्यालय के अस्थाई संचालन के लिए उपलब्ध कराने की सहमति दी। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है।बैठक में पीईईओ दामाखेड़ा किशन लाल गुर्जर, बद्री लाल जाट, उदय राम शर्मा, बालू लाल ट्रेलर, लहरू जाट, बालू राम जाट, गोवर्धन जाट, रतन लाल जाट, पूर्व प्रधान भैरू लाल चौधरी, प्रेम बुनकर, शम्भू दयाल टेलर, भेरू लाल बुनकर, देवी लाल भील, सुरेश जाट, विद्यालय प्रधानाचार्य भगवती देवी सोनी और राकेश कुमार भट्ट, गोपाल कृष्ण नामधार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।