126
views
views
सीधा सवाल। कपासन। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग चित्तौड़गढ़ के संयुक्त तत्वावधान में कपासन में मुस्कान आंगनबाड़ी शिक्षण मेले का आयोजन किया गया। महिला बाल विकास विभाग से महिला पर्यवेक्षक प्रशासनिक अधिकारी ज्योति सालवी, महिला पर्यवेक्षक उमा शर्मा एवं ब्लॉक कॉर्डिनेटर ऋतु चारण के निर्देशन में फैसिलिटेटर समूह ने मेले की पूर्व तैयारी की। इस शिक्षण मेले में जिले की लगभग एक सो बीस आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।मेले के दौरान प्रतिभागियों को चार समूहों में विभक्त किया गया। जिसमें मुस्कान प्रथम, मुस्कान द्वितीय, मुस्कान तृतीय एवं मुस्कान चतुर्थ में विभाजित कर गतिविधियाँ संचालित की गईं। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः कालीन सभा से हुई। जिसमें तीन से छ वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए गीत, कविताओं एवं बाल केंद्रित गतिविधियों का शिक्षकों द्वारा प्रभावी डेमोंसट्रेशन दिया गया। इसके पश्चात स्वागत सत्र एवं आंगनबाड़ी संचालन से जुड़े सामान्य नियमों पर चर्चा की।इस दोरान सभी कार्यकर्ताओं ने अपने अपने समूहों में यह प्रदर्शित किया कि एक दिन आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किस प्रकार किया जाता है। डेमोंसट्रेशन के अंतर्गत हाव भाव के साथ गीत कविताएँ गाना, मुखौटों एवं ठोस शिक्षण सामग्री के माध्यम से कहानी सुनाना तथा कहानी को मूर्त रूप देने की गतिविधियाँ प्रस्तुत की गईं।संज्ञानात्मक विकास से संबंधित गतिविधियों में छोटे बड़े की समझ, वर्गीकरण, समानता असमानता जैसे विषयों पर बच्चों के साथ किए जाने वाले कार्यों का अभ्यास करवाया गया। साथ ही रचनात्मक विकास के अंतर्गत चित्र बनवाना, कोलाज निर्माण जैसी गतिविधियाँ भी प्रदर्शित की गईं।मेले का एक प्रमुख आकर्षण थीम गैलरी रहा। जिसमें आंगनबाड़ी के प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा पाठ्यक्रम के अंतर्गत वर्षभर संचालित की जाने वाली ग्यारह थीमों जैसे मैं, मेरा परिवार, फल सब्जियाँ, हमारे मददगार, पेड़ पौधे आदि पर आधारित गतिविधियाँ प्रस्तुत की गईं। इन थीमों पर विभिन्न खेल एवं शिक्षण गतिविधियाँ विकसित कर प्रदर्शित की गईं।इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य बेहतर एवं प्रभावी शैक्षणिक गतिविधियों का डेमोंसट्रेशन पर केंद्रित रहा। ताकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने अपने केंद्रों पर जाकर बच्चों के साथ इन्हें सफलता पूर्वक संपन्न करा सकें। कार्यक्रम के दौरान बाईस आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं शिक्षकों ने विशेष रूप से डेमोंसट्रेशन प्रस्तुत कर अपने अनुभव साझा किए।यह शिक्षण मेला आंगनबाड़ी केंद्रों में गुणवत्ता आधारित प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।अजीम प्रेमजी फाउंडेशन शिक्षकों के साथ ही आंगनबाड़ी शिक्षिका के साथ भी उनके शिक्षण प्रक्रिया को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं। और उनके साथ निरंतर क्षमता वर्धन पर निरंतर कार्य हेतु प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर ज्योति सालवी, महिला पर्यवेक्षक महिला बाल विकास विभाग कपासन ने मेले का अवलोकन किया। और फैसिलिटेटर टीम को प्रोत्साहित करने का किया।