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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़।
प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने और कक्षा 1 से 5 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों में भाषा, गणित एवं संज्ञानात्मक कौशल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चित्तौड़ ब्लॉक में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की जा रही है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शंभू लाल सोमानी के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार प्राथमिक कक्षाओं में अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्लस्टर स्तरीय चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 13 जनवरी से 16 जनवरी तक शहीद मेजर नटवर सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय, चित्तौड़गढ़ में किया जाएगा।
यह कार्यशाला वर्तमान शैक्षणिक सत्र में आयोजित होने वाली क्लस्टर स्तरीय कार्यशालाओं की चौथी कड़ी है तथा इस वर्ष की अंतिम क्लस्टर स्तरीय कार्यशाला भी मानी जा रही है। ऐसे में यह प्रशिक्षण केवल एक नियमित कार्यक्रम न होकर पूरे वर्ष की शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा, अनुभवों के आदान-प्रदान और आगामी रणनीतियों को अंतिम रूप देने का महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।
चित्तौड़ ब्लॉक के अंतर्गत 10 क्लस्टरों का गठन किया गया है। इन सभी क्लस्टरों के अंतर्गत कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों की कार्यशालाएँ एक ही स्थल पर आयोजित होंगी, जिससे शिक्षकों को सामूहिक रूप से सीखने, संवाद स्थापित करने, नवाचारों पर चर्चा करने तथा शैक्षणिक अनुभव साझा करने का व्यापक अवसर प्राप्त होगा।
कार्यशाला में हिंदी, अंग्रेज़ी, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन विषयों पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस राज्य सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजनाओं प्रखर 2.0 एवं निपुण राजस्थान पर केंद्रित रहेगा।
प्रखर 2.0 के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शिक्षक क्षमता संवर्धन, प्रभावी कक्षा प्रबंधन और सीखने के परिणामों में निरंतर सुधार पर विशेष बल दिया जाएगा। वहीं निपुण राजस्थान के माध्यम से प्रत्येक बच्चे को कक्षा स्तर के अनुरूप पढ़ने, लिखने और गणनात्मक दक्षता में निपुण बनाने के लक्ष्य को साकार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रशिक्षण सत्रों के दौरान शिक्षकों को एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियाँ, गतिविधि आधारित अधिगम, रोचक टीएलएम का निर्माण एवं उपयोग, सतत एवं समग्र मूल्यांकन, सीखने की प्रगति की प्रभावी मॉनिटरिंग तथा उपचारात्मक शिक्षण जैसी व्यावहारिक रणनीतियों से अवगत कराया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा बुनियादी सीख से वंचित न रहे।
इस संबंध में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शंभू लाल सोमानी ने बताया कि क्लस्टर स्तरीय कार्यशालाएँ शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि प्रखर 2.0 और निपुण राजस्थान जैसे कार्यक्रम तभी सफल होंगे जब शिक्षक कक्षा स्तर पर नवाचार, समर्पण और स्पष्ट दृष्टि के साथ कार्य करेंगे।
कार्यशाला की जानकारी देते हुए हिंदी दक्ष प्रशिक्षक दिलीप त्रिवेदी ने बताया कि यह चतुर्थ एवं अंतिम क्लस्टर स्तरीय कार्यशाला पूरे शैक्षणिक सत्र में किए गए प्रयासों को समेटने और उन्हें एक ठोस दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के बाद शिक्षक विद्यालयों में बच्चों की सीख को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेंगे।
“प्रखर 2.0 और निपुण राजस्थान के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा को मजबूत आधार देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। क्लस्टर स्तरीय कार्यशालाएँ शिक्षकों की दक्षता बढ़ाकर बच्चों की सीख में स्थायी और गुणवत्तापूर्ण सुधार सुनिश्चित करेंगी।”
शंभू लाल सोमानी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, चित्तौड़गढ़