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डेमोंस्ट्रेटिव सेमिनार, पुस्तक मेला और शैक्षिक नवाचार बने आकर्षण
सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग चित्तौड़गढ़ एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निपुण सेमिनार एवं क्लस्टर कार्यशाला का गरिमामय शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शंभू लाल सोमानी ने की। इस अवसर पर उन्होंने निपुण सेमिनार की प्रशिक्षण पुस्तिका का विधिवत विमोचन भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शंभू लाल सोमानी ने कहा कि निपुण भारत मिशन बच्चों की शिक्षा की नींव को मजबूत करने का अभियान है। यदि शिक्षक कक्षा में गतिविधि आधारित शिक्षण, सतत मूल्यांकन एवं बाल-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हैं, तो प्रत्येक बच्चा अपेक्षित अधिगम स्तर प्राप्त कर सकता है। उन्होंने शिक्षकों से कार्यशाला में सीखे गए नवाचारों को कक्षा-कक्ष में प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से जगदीश धाकड़ ने निपुण लक्ष्य आधारित शिक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक सहयोग एवं सतत मार्गदर्शन से ही बच्चों में वांछित अधिगम स्तर सुनिश्चित किया जा सकता है। फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा प्रशिक्षण सत्रों के संचालन एवं संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। सेमिनार की विशेष पहचान डेमोंस्ट्रेटिव सेमिनार रहा, जिसमें कहानी शिक्षण, भाषा विकास एवं गणित शिक्षण से जुड़े जीवंत कक्षा-प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए। इन सत्रों से शिक्षकों को बाल-केंद्रित एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला। आयोजन स्थल पर आयोजित पुस्तक मेले में शैक्षिक पुस्तकें, बाल साहित्य एवं शिक्षकों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री उपलब्ध कराई गई। साथ ही कहानी शिक्षण स्टॉल, गणित की पाठशाला, लेखन कुंज एवं इकतारा स्टॉल जैसे शैक्षिक नवाचार केंद्र शिक्षकों के आकर्षण का केंद्र रहे।कार्यशाला में हिंदी एवं पर्यावरण विषय के दक्ष प्रशिक्षक दिलीप कुमार त्रिवेदी ने भाषा शिक्षण एवं पर्यावरण शिक्षा से जुड़े नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय परिवेश एवं अनुभव आधारित गतिविधियों को भाषा शिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया। इसके साथ ही सुरेंद्र एवं सुनील रातडिया द्वारा भी निपुण लक्ष्य आधारित शिक्षण रणनीतियों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
17 जनवरी तक चलेगी कार्यशाला
निपुण सेमिनार एवं क्लस्टर कार्यशाला 13 जनवरी से 17 जनवरी तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित की जा रही है। इसमें विभिन्न क्लस्टरों के शिक्षक सहभागिता कर निपुण लक्ष्य, अधिगम परिणाम, शिक्षण रणनीतियों एवं मूल्यांकन प्रक्रिया पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।