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सीधा सवाल। चिकारड़ा। भगवान राम की किसी ने परीक्षा ली तो किसी ने समीक्षा की तो किसी ने प्रतीक्षा की तीनों ही उद्देलिख में प्रतीक्षा ने अपनी कामयाबी हासिल की । उक्त बात कथा वाचक पूजा मेंनारिया ने व्यास पीठ से कहीं । यहां यह बता दे की श्री राम कथा का आयोजन आकोलागढ़ में पिछले 8 दिनों से अनवरत जारी है। कथा का आयोजन बाला जी मंदिर परिसर में किया जा रहा है। आयोजको की जानकारी के अनुसार संगीतमय श्री राम कथा के आयोजन में आसपास इलाके के साथ दूर-दूर से भी कथा का श्रवण करने राम भक्त पहुंच रहे हैं। इस आयोजन में अब तक राम जन्म से लेकर शबरी मिलन तक कथा का झांकियों सहित विभिन्न पहलुओं का मार्मिक वर्णन किया गया । कथावाचक पूजा मेनारिया ने व्यास पीठ से कथा के दौरान बताया कि किसी ने भगवान श्री राम की परीक्षा ली तो किसी ने समीक्षा की तो किसी ने प्रतीक्षा की । भगवान ना तो परीक्षा वाले को मिले और नहीं समीक्षा वाले को भगवान मिले तो प्रतीक्षा वाले को । सती ने परीक्षा की तो सूर्पनखा ने समीक्षा पर सबरी की प्रतीक्षा ने प्रभु राम से मिलान करवाया । प्रभु श्री राम के लिए भक्ति जाति और उम्र से बड़ी होती है । प्रभु राम ने शबरी के सरल प्रेम को राजसी भोज से भी अधिक महत्व दिया । कथा के दौरान भजनों पर ग्रामीण महिला पुरुष थिरकने से अपने आप को नहीं रोक पाए । और जमकर नृत्य करते देखे गए। कथावाचक पूजा मेनारिया ने पंडाल में उपस्थित श्रोताओं को श्री राम कथा के दौरान श्री राम के जीवन चरित्र को अपनाते हुए उनके दिए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सत्संग मार्ग ले जाने का संदेश दिया। वही अपनी ओजस्वी वाणी से ग्रामीणों को मंत्र मुग्ध किया। उक्त कथा का समापन 15 जनवरी को होगा।