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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। शिक्षा विभाग ब्लॉक चित्तौड़गढ़ एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शैक्षिक नवाचार कार्यशाला 13 जनवरी से 17 जनवरी तक निरंतर संचालित की जा रही है। कार्यशाला का द्वितीय दिवस शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता, रचनात्मक गतिविधियों एवं अनुभव आधारित शिक्षण से भरपूर रहा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शंभूलाल सोमानी ने कार्यशाला में उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शैक्षिक नवाचार, गतिविधि आधारित शिक्षण एवं बच्चों की अभिव्यक्ति क्षमता को सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों को नवाचारों को कक्षा-कक्ष में प्रभावी रूप से लागू करने हेतु प्रेरित किया।
द्वितीय दिवस में अभिव्यक्ति गवर्नर, कहानी सरोवर, लेखन कुंज, पलाश युवा समूह, किताबों की दुनिया, इंग्लिश स्टेशनरी, एक तारा एवं गणित की पाठशाला जैसे नवाचारी समूहों पर कार्य किया गया। इन सभी विषयों हेतु विशेष कॉर्नर स्थापित किए गए, जहाँ शिक्षकों ने व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने-सिखाने की नवीन विधियों का अभ्यास किया।
कार्यशाला में दक्ष प्रशिक्षित हिंदी विषय विशेषज्ञ दिलीप त्रिवेदी द्वारा भी शिक्षकों को संबोधित किया गया। उन्होंने हिंदी शिक्षण से जुड़े शैक्षिक नवाचारों पर विस्तार से जानकारी देते हुए पूरे राजस्थान में लागू की जा रही प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, भाषा विकास गतिविधियों एवं अभिव्यक्ति आधारित शिक्षण मॉडल पर प्रकाश डाला। उनके सत्र को शिक्षकों द्वारा अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया गया।
इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल पर क्लस्टर कार्यशाला भी संचालित की जा रही है, जिसमें शिक्षकों को नवीन शिक्षण रणनीतियों, अनुभव साझा करने तथा नवाचारों के कक्षा-कक्षीय क्रियान्वयन पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में आनंददायी, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना तथा शिक्षक सशक्तिकरण के माध्यम से सीखने के परिणामों में सुधार लाना है।