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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। मोहित विद्या मन्दिर के प्रांगण में स्वाभिमान और अदम्य साहस के प्रतिक महाराणा प्रताप का राज्यारोहण दिवस संस्था प्रधान प्रकाश चन्द्र चेलावत की अध्यक्षता में हर्षोंल्लास पूर्वंक मनाया गया।
सर्वप्रथम समारोह के अध्यक्ष के द्वारा राणा प्रताप के आदमकद चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन किया गया तत्पश्चात छात्राओं द्वारा ईश वन्दना प्रस्तुत कि गई।
‘‘हे स्वतंत्रता के दीवाने
तुमको है अभिवादन हमारा‘‘
इन पंक्तियांे की उद्घोषणा के साथ अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने वीर शीरोमणी महाराणा प्रताप के जन्म से सम्बन्धित, राज्याअभिषेक से सम्बन्धित तथा हल्दीघाटी के यु़द्ध से सम्बन्धित और अरावली की पहाड़ियों में व्यतित किये जीवन के संस्मरण प्रस्तुत करते हुए उनकी यशोगाथाओं का इतिहास प्रस्तुत किया इसी क्रम मे विद्यालय की अध्यापिका मीना कुंवर झाला ने भी प्रताप की शोर्य गाथाओ का अपनी तेजस्वी वाणी से बखान किया गया इसी बीच प्रताप की वेशभुषा में वंश प्रजापत कक्षा 4 के बालक ने तलवार बाजी का प्रदर्शन किया।
इसी समारोह में गणतंत्र दिवस एंव विद्यालय के वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में जीन छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमो कि प्रस्तुतिया दी उनको विद्यालय की ओर से पुरस्कार वितरण कर उनको प्रोत्साहित किया।
अंत मे समारोह की अध्यक्षता कर रहे संस्था प्रधान प्रकाश चन्द्र चेलावत द्वारा उद्बोदन स्वरूप राणा प्रताप से सम्बन्धित कई शोर्य गाथाओ का परिचय दिया गया इसी क्रम में विद्यालय में एक निबंध प्रतियोगिता आयोतिज की गई जीसमे अन्जु धाकड़ प्रथम, अंजली तेली द्वितीय और शानु राठौर तृतीय स्थान पर रही और इनको स्मृती चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस पुरे समारोह का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक सुरेन्द्र कुमार जैन ने करते हुए वीर शीरोमणी राणा प्रताप के राज्यारोहण से सम्बन्धित अविश्वसनीय, अकल्पित एंव अद्वीतिय प्रेरक प्रसंगो की जानकारी देते हुए दानवीर भामाषाह जीन्होने अपने जिवनभर की अर्जित धन राशि को राणा प्रताप के चरणो मे पुनः अपनी सेना का संगठन करने के लिए समर्पित कर दी इसी के साथ धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उपस्थित माहनुभावो का आभार व्यक्त किया।
‘‘हे स्वतंत्रता के दीवाने
तुमको है अभिवादन हमारा‘‘
इन पंक्तियांे की उद्घोषणा के साथ अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने वीर शीरोमणी महाराणा प्रताप के जन्म से सम्बन्धित, राज्याअभिषेक से सम्बन्धित तथा हल्दीघाटी के यु़द्ध से सम्बन्धित और अरावली की पहाड़ियों में व्यतित किये जीवन के संस्मरण प्रस्तुत करते हुए उनकी यशोगाथाओं का इतिहास प्रस्तुत किया इसी क्रम मे विद्यालय की अध्यापिका मीना कुंवर झाला ने भी प्रताप की शोर्य गाथाओ का अपनी तेजस्वी वाणी से बखान किया गया इसी बीच प्रताप की वेशभुषा में वंश प्रजापत कक्षा 4 के बालक ने तलवार बाजी का प्रदर्शन किया।
इसी समारोह में गणतंत्र दिवस एंव विद्यालय के वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में जीन छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमो कि प्रस्तुतिया दी उनको विद्यालय की ओर से पुरस्कार वितरण कर उनको प्रोत्साहित किया।
अंत मे समारोह की अध्यक्षता कर रहे संस्था प्रधान प्रकाश चन्द्र चेलावत द्वारा उद्बोदन स्वरूप राणा प्रताप से सम्बन्धित कई शोर्य गाथाओ का परिचय दिया गया इसी क्रम में विद्यालय में एक निबंध प्रतियोगिता आयोतिज की गई जीसमे अन्जु धाकड़ प्रथम, अंजली तेली द्वितीय और शानु राठौर तृतीय स्थान पर रही और इनको स्मृती चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस पुरे समारोह का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक सुरेन्द्र कुमार जैन ने करते हुए वीर शीरोमणी राणा प्रताप के राज्यारोहण से सम्बन्धित अविश्वसनीय, अकल्पित एंव अद्वीतिय प्रेरक प्रसंगो की जानकारी देते हुए दानवीर भामाषाह जीन्होने अपने जिवनभर की अर्जित धन राशि को राणा प्रताप के चरणो मे पुनः अपनी सेना का संगठन करने के लिए समर्पित कर दी इसी के साथ धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उपस्थित माहनुभावो का आभार व्यक्त किया।