प्रतापगढ़ / छोटीसादड़ी - छोटीसादड़ी उपजिला अस्पताल से जयचंद मोहिल का नाम हटाने पर विरोध, परिजनों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
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ओपीडी पर्चियों में अब भी लिखा आ रहा नाम, भवन के बोर्ड से हटाने पर नाराजगी; नाम बहाल नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

सीधा सवाल। छोटीसादड़ी। शहर के उपजिला चिकित्सालय से स्वतंत्रता सेनानी स्व. जयचंद मोहिल का नाम हटाने के विरोध में मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानी के परिजनों ने एसडीएम यतीन्द्र पोरवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अस्पताल का नाम पुनः स्व. जयचंद मोहिल राजकीय उपजिला चिकित्सालय छोटीसादड़ी करने की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया कि पहले यह अस्पताल राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में संचालित होता था और उस समय से ही इसका नाम स्वतंत्रता सेनानी जयचंद मोहिल के नाम पर था। हाल ही में अस्पताल का क्रमोन्नयन कर उपजिला चिकित्सालय बनाया गया और इसे नई भवन में शिफ्ट किया गया। नई बिल्डिंग में नाम लगाया गया तो उस पर केवल राजकीय उपजिला चिकित्सालय छोटीसादड़ी लिख दिया गया, जबकि स्वतंत्रता सेनानी जयचंद मोहिल का नाम हटा दिया गया। इसे लेकर परिजनों और शहरवासियों में नाराजगी है।
नगरवासियों का कहना है कि यह अस्पताल लंबे समय से स्व. जयचंद मोहिल के नाम से ही जाना जाता रहा है और शहर की पहचान भी इससे जुड़ी हुई है। इसलिए बिना किसी सूचना या आदेश के उनका नाम हटाना उचित नहीं है। ज्ञापन में प्रशासन से अस्पताल के बोर्ड और सभी आधिकारिक दस्तावेजों में फिर से उनका नाम दर्ज करने की मांग की गई है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द नाम बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन देने के दौरान प्रेमचंद मोहिल, लाभचंद मोहिल, भेरूलाल मोहिल, लोकेंद्र मोहिल, विक्रम मोहिल, लोकबंधु मोहिल,पुखराज मोहिल, दलीचंद, यशवंत, गगन, राजेश, मनीष सहित कई लोग मौजूद थे।


पर्चियों में अब भी लिखा आ रहा ‘स्व. जयचंद मोहिल’

अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली ओपीडी पर्चियों पर अभी भी “स्व. जयचंद मोहिल राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छोटीसादड़ी” नाम अंकित हो रहा है। जबकि अस्पताल की नई बिल्डिंग के बाहर लगे बोर्ड पर केवल राजकीय उपजिला चिकित्सालय छोटीसादड़ी लिखा गया है। इसी विरोधाभास को लेकर लोगों का कहना है कि आधिकारिक रूप से नाम बदला ही नहीं गया है, फिर बोर्ड से नाम हटाना समझ से परे है।

नियम के तहत ही बदला जा सकता है संस्थान का नाम

जानकारी में सामने आया है कि प्रशासनिक नियमों के अनुसार किसी भी सरकारी संस्थान का नाम बदलने या हटाने का अधिकार राज्य सरकार के पास होता है। इसके लिए संबंधित विभाग से प्रस्ताव तैयार होता है और सरकार की मंजूरी के बाद ही आदेश जारी होता है।
स्थानीय स्तर पर बिना शासनादेश के किसी भी संस्थान के नाम में बदलाव करना सामान्यतः नियमों के अनुरूप नहीं माना जाता। नगरवासियों का कहना है कि यदि सरकार की ओर से कोई आदेश जारी हुआ है तो उसे सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा स्वतंत्रता सेनानी का नाम पुनः अंकित कराया जाए।

कौन थे स्वतंत्रता सेनानी जयचंद मोहिल

बता दें कि स्व. जयचंद्र मोहिल का जन्म 17 अगस्त 1911 को छोटीसादड़ी में धनराज मोहिल के परिवार में हुआ था। वे आजादी के आंदोलन में सक्रिय रहे और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए भी संघर्ष करते रहे। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। सरकार ने उन्हें ताम्रपत्रित स्वतंत्रता सेनानी के रूप में मान्यता दी थी और स्वतंत्रता सेनानी पेंशन भी प्रदान की गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके योगदान और बलिदान की स्मृति में ही शहर के अस्पताल का नाम उनके नाम पर रखा गया था, इसलिए उस नाम को बनाए रखना शहर के लिए सम्मान की बात है।




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