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सीधा सवाल। कपासन। क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम पंचायत हथियाना के राजीव गांधी सेवा केन्द्र पर अखिल भारतीय समन्वित कन्दीय फसल परियोजना महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर के अन्तर्गत अनुसूचित जाति के कृषको का एक दिवसीय कन्दीय फसलो की उन्नत पर कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस में 70 महिला एवं पुरुष कृषको को प्लास्टिक केरेंट, गेती, कुदाली, फावडा तथा दरांती वितरण की गयी।परियोजना प्रभारी डॉ. निरेन्द्र सिंह ने कन्द फसल रतालु, अरबी, शकरकन्द एवं सुरण का महत्व तथा इनके लाभों के बारे में बताया तथा इनकी उन्नत खेती के बारे में कन्द, कौम बीज उपचार करने का तरीका, खेत तैयार करने का तरीका, लगाने की विधि, खाद की मात्रा तथा उत्पादन आदि के बारे में विस्तार से बताया,मेघसिंह शेखावत सहायक कृषि अधिकारी नें कन्दीय फसलो की उपयोगिता एवं महत्व के बारे में विस्तार से बताया।सहायक निदेशक कृषि विस्तार कपासन रामजस खटीक ने कृषको से आहवान किया कि अगर अपनी आमदनी बढानी है तो समन्वित कृषि प्रणाली, फसल विविधीकरण तथा कन्दीय फसलो को अपनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। तथा कृषको को विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया।स्थानीय वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक श्रीमती आशा जोशी ने कृषको को कन्दीय फसलो में लगने वाले कीटों की विस्तार से जानकारी एवं उनका प्रबन्धन करने की जानकारी प्रदान की।सहायक कृषि अधिकारी श्रीमती पुष्पा प्रजापत ने कृषको को कन्द्रीय फसलों में बीमारियों की जानकारी एवं प्रबन्धन करने का तरीका बताया।
स्थानीय प्रशासक प्रतिनिधि भंवर लाल खटीक ने कृषको को आहवान किया कि पारंपरिक कृषि के साथ उद्यानिकी फसले जैसे कन्दीय फसलो की खेती, बकरी पालन, मूर्गी पालन, डेयरी व्यवसाय से कृषक जुड़ कर अपनी आमदनी बढाये और आपको प्रशिक्षण में प्रदान की गयी सामग्री का सही उपयोग करे।प्रशिक्षण में कृषि विभाग से कृषि पर्यवेक्षक मनीषा गोड, सुमित्रा जाट पंचायती राज्य से कनिष्ठ लिपिक किशन लाल जाट पूर्व उपसरपंच राधेश्याम खटीक एवं कृषि सखी रतन जैन एवं ग्रामीण उपस्थित थे।