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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। अफीम के किसानों पर नारकोटिक्स विभाग की और से बनाए जा रहे मुकदमों और कथित वसूली को लेकर अब मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। नारकोटिक्स के खिलाफ किसानों ने शनिवार को कलक्ट्रेट चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। दो किसानों से एक करोड़ रुपए से अधिक की वसूली का आरोप नारकोटिक्स निरीक्षक पर लगाया है। साथ ही अफीम किसान संघर्ष समिति के बैनर तले शुरु हुए आंदोलन में नारकोटिक्स के निरीक्षक के खिलाफ दर्ज प्रकरण एवं किसानों से वसूली के मामले की सीबीआई से जांच कराने मांग की है। इधर, मांगे मान लेने के चलते धरना शनिवार शाम को ही खत्म हो गया। चित्तौड़ डेयरी के पूर्व चेयरमैन ने दावा किया कि इस मामले में एसआईटी का गठन किया जाएगा और जांच होगी। इसके बाद धरना खत्म कर दिया है।
अफीम किसान संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे धरने के संबंध में जानकारी देते हुए पूर्व डेयरी चेयरमैन बद्रीजाट जगपुरा ने बताया कि डेलवास गांव में नारकोटिक्स के अधिकारी ने 1 करोड़ 5 लाख रुपए की वसूली की गई थी। उनकी मांग है कि 1 करोड़ 5 लाख रुपए किसान को वापस दिलाए जाए। इस किसान ने करीब 35 व्यक्तियों से उधार लेकर अधिकारी को रिश्वत दी है। अब उसके खेत बेचने की नौबत आ गई है। पूर्व डेयरी चेयरमैन ने बताया कि देवरिया गांव में नारकोटिक्स विभाग द्वारा वाटर मिक्स के नाम पर कच्चे तौल के दौरान फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज किया है। इसमें एक मुखिया और महिला किसान को गिरफ्तार किया है। उन्होंने दोनों को ही निष्पक्ष जांच कर बाईज्जत बरी करने की मांग उठाई। इस दौरान बद्रीलाल जाट ने कहा कि किसानों के साथ वसूली को लेकर लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने कच्चे तौल और मुखिया पद्धति को खत्म करने की मांग उठाते हुए कहा कि डोडा चूरा को एनडीपीएस एक्ट से बाहर किया जाए। इसी के कारण किसानों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि मांगे पूरी नहीं होती है तो उच्च न्यायालय की शरण लेकर पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाई जाएगी, जिससे भ्रष्ट अधिकारियों को सजा मिल सके। इधर, अफीम किसान संगठन के कई पदाधिकारियों ने धरने को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आमरण अनशन और नारकोटिक्स विभाग का घेराव कर सड़क मार्ग जाम करेंगे। धरने के दौरान पूर्व डेयरी चैयरमेन बद्रीलाल जाट, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष भैरूलाल चौधरी, पूर्व सभापति संदीप शर्मा, भरत आंजना, मांगीलाल बिलोट सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
यह लगे हैं आरोप
गौरतलब है कि डेलवास गांव में दो किसानों से 1 करोड़ 5 लाख रुपए वसूलने के मामले में नारकोटिक्स अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। लेकिन किसान रुपए वापस दिलाने की मांग कर रहे है। वहीं देवरिया में महिला किसान और मुखिया के खिलाफ फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज करने के मामले में किसान दोनों बेगुनाहों को रिहा करने की भी मांग उठा रहे है।
जो पैसे लिए वह लौटाए नारकोटिक्स
चित्तौड़ डेयरी के पूर्व बद्री जगपुरा कहा कि इस मामले में पुलिस का तो सहयोग रहा है। पुलिस ने थाने में मुकदमा दर्ज किया था इसमें पुलिस ने एसआईटी का गठन कर दिया है। डेलवास से एक करोड चार लाख रुपए नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने लिए थे। उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया और इसमें अब सारे बयान हो गए। एसआईटी में पांच सिविलियन लोग भी हैं। एसआईटी जांच करेगी और जो भी विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई होगी वह पूरी करेगी। बद्री जगपुरा ने बताया कि देवरिया के मुखिया और महिला को नारकोटिक्स ने गलत तरीके से अरेस्ट कर लिया लिया था, जिसके लिए हमारी मांग थी कि इसकी जांच बदली जाए। इसमें आयुष इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर, जिसने रेड डाली थी वही था। अब इसे बदल कर जयपुर जांच दे दी है। इसमें भी उचित जांच कर के जो भी कानूनी कार्रवाई कर राहत मिलेगी। साथ ही नारकोटिक्स के अधिकारी प्रदीप लोर के खिलाफ विभाग ने इंटरनल जांच शुरू कर दी है। किसानों की जितनी भी मांगे थी, सारी मान ली गई। किसानों की एक तरफा जीत हुई है। नारकोटिक्स डिपार्टमेंट बैकफुट पर आया। उन्होंने स्वीकार भी किया कि हमारे अधिकारी ने पैसे लिए। अधिकारी सबके सामने स्वीकार कर रहा कि हमने पैसे लिए और कल रात को वापस देने के लिए भी दौड़ रहा था। लेकिन वह कह रहा है पहले बयान बदलो। हम किस बात का बयान बदले, जो पैसे लिए हैं वह लौटाए।