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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। राज्य के चित्तौड़गढ़ स्थित सैनिक स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्रों को भावभीनी विदाई दी गई। स्कूल के शंकर मेनन सभागार में आयोजित हुए समारोह के मुख्य अतिथि स्कूल के पूर्व छात्र स्कूल नंबर 853 लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र कुमार बंसीवाल, एवीएसएम एवं विशिष्ट अतिथि प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया थे। उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव एवं स्कूल के कार्यवाहक सीनियर मास्टर राकेश रामपुरिया ने अतिथियों का स्वागत किया।
स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि समारोह के शुरुआत में बारहवीं कक्षा के छात्रों का ग्यारहवीं कक्षा के छात्रों द्वारा सौहार्दपूर्ण और पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। कैडेट मिनिषा चौधरी ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया। स्कूल वाइस कैप्टन कैडेट मधुसुदन सिंह राठौड़ ने स्वागत भाषण दिया। स्कूल कैप्टन कैडेट मयंक विश्वकर्मा, कक्षा बारहवीं के कैडेट नवरतन सिंह एवं कैडेट विकास थोलिया ने स्कूल में बिताये पिछले सात सालो के अनुभव को सभी के साथ साँझा किया। कैडेट मयंक विश्वकर्मा ने स्कूल कैप्टन के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में सभी का समर्थन और मार्गदर्शन के लिए अपने शिक्षकों, बैच साथियों और जूनियर्स को धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल के कैडेट्स ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें नृत्य और समूह गीत की विशेष प्रस्तुतियाँ दी। इस अवसर पर कैडेट्स को पुरानी यादों की एक डाक्यूमेंट्री दिखाई गई। मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र कुमार बंसीवाल, एवीएसएम ने कैडेट विकास थोलिया, कैडेट अनुराग थालोर, कैडेट मयंक एवं कैडेट अनिल कुमार को एनडीए अवार्ड दिया। प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया एवं कैंपस की प्रथम महिला मोनिका जसरोटिया ने स्कूल कैप्टन कैडेट मयंक विश्वकर्मा, स्कूल एडजुटेंट कैडेट करण प्रताप सिंह, स्कूल अकादमिक कैप्टेन कैडेट मयंक, स्कूल मेस परफेक्ट कैडेट राहुल गुर्जर एवं स्कूल स्पोर्ट्स कैप्टेन कैडेट अनुराग थालोर को स्मृति चिन्ह प्रदान किये। उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव एवं कैप्टेन अक्षय अस्थाना ने हाउस कैप्टेन्स को स्मृति चिन्ह प्रदान किये। सैनिक स्कूल अलुमिनी संस्थान के सदस्यों कर्नल वीपी सिंह, कर्नल मनरूप, कमोडोर यशवंत, कर्नल प्रमोद बडसारा एवं शरद गंगवार द्वारा उन कैडेटों को सम्मानित किया गया जो विभिन्न माध्यमों से सशस्त्र बलों में शामिल हुए एवं स्कूल का नाम रोशन किया।
मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र कुमार बंसीवाल, एवीएसएम ने छात्रों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए सराहा और भविष्य के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि सैनिक स्कूल ने न केवल शिक्षा, बल्कि जीवन के मूल्य भी सिखाए हैं, जो छात्रों को जीवन में सफलता हासिल करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि आपने जो करियर चुना है, उस पर आपको गर्व होना चाहिए। यह आपकी पहचान है, आपका सपना है और आपके भविष्य की नींव है। याद रखिए, कोई भी रास्ता छोटा या बड़ा नहीं होता उसे बड़ा बनाता है आपका जुनून और आपकी मेहनत। आज के समय में सबसे जरूरी है खुद को लगातार अपडेट करना। दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है, और जो व्यक्ति सीखना बंद कर देता है, वह पीछे रह जाता है। इसलिए हर दिन कुछ नया सीखिए चाहे वह आपकी स्किल हो, आपकी सोच हो या आपका नजरिया।
अपनी भाषा पर महारत हासिल करें क्योंकि सही शब्द सही समय पर आपकी जिंदगी बदल सकते हैं। कब, कैसे और कहाँ बोलना है, यह समझ ही आपको भीड़ से अलग बनाती है। सफलता अचानक नहीं मिलती यह छोटे-छोटे प्रयासों, निरंतर मेहनत और अटूट विश्वास का परिणाम होती है। उन्होंने कहा कि, आप सभी ने सैनिक स्कूल में जो अनुभव प्राप्त किए हैं, वे आपको जीवनभर मार्गदर्शन देंगे। उन्होंने कैडेट्स को उनकी परीक्षाओं और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। अंत में कैडेट परीक्षित ने धन्यवाद ज्ञापित किया।