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झुलसा देने वाली गर्मी से पेड़ों की छाया भी राहत नहीं दे पा रही
सीधा सवाल। चिकारड़ा। तेज गर्मी और ऊपर से धूल भरी आंधी उमस भरे बादल बिजलियां चमकने से जहां एक और मौसम का बदलाव दिखा वही ग्रामीण हाल बेहाल नजर आया। वहीं पशु पक्षी भी अछूते नहीं रहे। सोमवार को प्रातः से ही तापमान में उबाल नजर आया दिन होते होते तापमान 41 42 डिग्री पहुंच गया। जबकि रात्रि का तापमान 27 - 30 डिग्री के आस पास रहा। यहां यह भी बता दे की रविवार को शाम होते-होते आसमान में काले बादल छाने के साथ ही धूल भरी आंधी तूफान जैसा माहौल बना रहा। लेकिन तेज अंधड़ हवा के चलते बड़ा भारी कोई नुकसान नहीं हुआ। हल्के-फुल्के पेड़ टहनियां को नुकसान पहुंचा है। वैसे देखा जाए तो चिकारड़ा क्षेत्र में प्रचंड तापमान के चलते भी शादी ब्याह जैसे रस्मो रिवाज लगातार जारी दिखाई दिए। ग्रामीण में शादी ब्याह में भाग लेने के लिए मुंह सर पर कपड़ा बांध मुह को सेफ रखते हुए एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते दिखाई दिए। दुपट्टे जैसे कपड़े को गीला कर धूप से बचाव का जतन करते नजर आए। वैसे देखा जाए तो किसान वर्ग अपनी खेती बाड़ी से निवृत होकर शादी ब्याह के सीजन में मसगुल नजर आया। यहां यह भी बता दे की मजदूर वर्ग जो खुले आसमान के नीचे अपना जीवन यापन कर रहे हैं वह पेड़ों की छाया तले बैठ धूप से बचाव का प्रयास करते रहे है। प्रचंड गर्मी मैं झुलसा देने वाले लू के थपेड़ों से ग्रामीण हांफते हुए अपने आप को बचाने का प्रयास करता नजर आया। इस प्रचंड गर्मी में एसी कूलर पंखे भी ग्रामीणों को राहत नहीं दे पाए।