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विधायक, प्रभारी सचिव एवं जिला कलक्टर ने किया जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ, जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान
सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत सोमवार को जिलेभर में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम भूपालसागर बांध पर उत्साहपूर्ण एवं जनभागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ, जहां विधायक अर्जुनलाल जीनगर, प्रमुख शासन सचिव पशुपालन विभाग एवं जिला प्रभारी सचिव विकास सीतारामजी भाले तथा जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने संयुक्त रूप से अभियान का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के पूर्व कलश यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके पश्चात पीपल पूजन एवं बांध पर जल पूजन कर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर दिनेश चंद्र धाकड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक, उपवन संरक्षक राहुल झांझडिया, प्रधान हेमेंद्र सिंह राणावत, प्यारचंद भील, शंभूलाल बागड़ा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामीणजन एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने कहा कि भूपालसागर क्षेत्र कभी गन्ना एवं धान उत्पादन के लिए प्रदेशभर में विशेष पहचान रखता था। जल संरक्षण के माध्यम से क्षेत्र की समृद्धि को पुनः स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक पौधरोपण करने तथा अवैध भट्टियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया।
विधायक ने कहा कि क्षेत्र के तालाबों एवं बांधों को भरना उनकी प्राथमिकता है, क्योंकि जल समृद्धि से किसानों की खुशहाली सुनिश्चित होती है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विकास एवं पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार से करोड़ों रुपये की स्वीकृतियां दिलाई गई हैं।
प्रभारी सचिव विकास सीतारामजी भाले ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में जल संकट एक गंभीर चुनौती बन सकता है, इसलिए वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण को जनभागीदारी से सफल बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महाराष्ट्र में शुगर उद्योग एवं जल प्रबंधन के अनुभव साझा करते हुए जल के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने उपस्थित नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई तथा महिलाओं को पीपल के पौधे वितरित किए। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए जल के महत्व एवं संरक्षण के उपायों पर प्रकाश डाला।
जिलेभर के बांधों एवं जलाशयों पर हुए जल पूजन एवं संकल्प कार्यक्रम
वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिलेभर में विभिन्न बांधों एवं जलाशयों पर जल पूजन, स्वच्छता गतिविधियां एवं जल संरक्षण संकल्प कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं जल के सदुपयोग के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के अंतर्गत गभीरी बांध निम्बाहेड़ा, सांवरिया सरोवर बांध भदेसर, वागन बांध डूंगला एवं बड़ीसादड़ी, पालका बांध चित्तौड़गढ़, उमरचा बांध भैंसरोड़गढ़, बोरदा बांध गंगरार, मातृकुंडिया बांध राशमी तथा कपासन बांध सहित विभिन्न जलाशयों पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, ग्रामीणों एवं युवाओं की सहभागिता से कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों में उपस्थित जनसमूह ने जल संरक्षण की शपथ लेते हुए जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने तथा भावी पीढ़ियों के लिए जल बचाने का संकल्प लिया। जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। अभियान के माध्यम से समाज में जल के महत्व के प्रति व्यापक जनजागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है।