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निष्पक्ष जांच नहीं होने का आरोप, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई व सुरक्षा की मांग
सीधा सवाल। छोटीसादड़ी। थाना क्षेत्र के धामनिया जागीर स्थित चारभुजा एवं लक्ष्मीनारायण मंदिर के पुजारी भंवरदास वैरागी के साथ हुई कथित मारपीट और पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने के आरोपों को लेकर सर्व वैरागी वैष्णव समाज (पुजारी वर्ग) ने बुधवार को विरोध दर्ज कराया। समाज के लोगों ने नीमच रोड स्थित गोविंदेश्वर महादेव मंदिर से बैनर के साथ मौन जुलूस निकाला, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचा। यहां उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पुजारी परिवार को सुरक्षा तथा निष्पक्ष जांच की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि 31 दिसंबर की सुबह करीब आठ बजे मंदिर की सेवा-पूजा कर घर लौट रहे पुजारी भंवरदास को गांव के कुछ लोगों ने एकराय होकर घेर लिया। आरोप है कि लाठी, पत्थर और चाकू लेकर आए लोगों ने गाली-गलौच करते हुए मंदिर में दोबारा नहीं आने और परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी। पुजारी द्वारा परंपरागत रूप से बरोल ठिकाने से मंदिर सेवा सौंपी जाने की बात कहने पर हमलावर और आक्रामक हो गए।
बीच-बचाव करने पहुंचे परिजनों के साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि एक परिजन को जमीन पर पटककर लात-घूंसे मारे गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। समाज ने आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपियों ने उल्टा पुजारी पक्ष के खिलाफ झूठी सूचना देकर पुलिस को बुलाया। पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़ित की बात सुने बिना ही पुजारी और उनके परिजनों को हिरासत में लिया गया तथा थाने पहुंचे अन्य परिजनों को डराया-धमकाया गया। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि पुलिस ने आरोपी पक्ष का समर्थन करते हुए पुजारी परिवार पर मंदिर सेवा और भूमि छोड़ने का दबाव बनाया।
समाज का कहना है कि पूरा विवाद मंदिर से जुड़ी कृषि भूमि पर कब्जा करने की मंशा से रचा गया है। असामाजिक तत्व बहुसंख्यक होने का दबाव बनाकर पुजारी को बेदखल करना चाहते हैं, जबकि मंदिर सार्वजनिक आस्था का केंद्र है और कभी भी किसी को दर्शन से नहीं रोका गया।
ज्ञापन में 13 दिसंबर 1991 के परिपत्र पर आपत्ति जताते हुए वर्ष 2018 में पुजारियों के पक्ष में जारी परिपत्र को लागू करने की मांग भी की गई, ताकि मंदिर, पुजारी और मंदिर भूमि को संरक्षण मिल सके। समाज ने उपखंड अधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा पुजारी भंवरदास और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में कईं पुजारी मौजूद थे।