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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। राजकीय कन्या महाविद्यालय, चित्तौड़गढ़ में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस स्वयंसेविकाओं द्वारा ऐतिहासिक चित्तौड़ दुर्ग का पैदल भ्रमण किया गया। इस शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण में एनएसएस स्वयंसेविकाओं के साथ हिंदी विभाग एवं इतिहास विभाग की छात्राओं ने सहभागिता करते हुए दुर्ग के गौरवशाली अतीत से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
शिविर के अंतर्गत प्राचार्य डॉ. गौतम कुमार कूकड़ा के मार्गदर्शन में प्रातःकाल राष्ट्रगीत गायन एवं सामूहिक व्यायाम किया गया। इसके पश्चात प्राचार्य द्वारा हरि झंडी दिखाकर छात्राओं को दुर्ग भ्रमण हेतु रवाना किया गया। आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. सी. एल. महावर, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गोपाल जाट एवं इतिहास विभागाध्यक्ष शंकर मीणा के नेतृत्व में छात्राओं ने झालीबाव, पाडन पोल से होते हुए संपूर्ण दुर्ग का भ्रमण किया।
भ्रमण के दौरान विजय स्तंभ, पद्मिनी महल, गौमुख कुंड, कुंभा महल एवं तोपखाना सहित प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन किया गया। इन स्थलों की भव्यता एवं ऐतिहासिक महत्ता को देखकर छात्राएँ अभिभूत हो उठीं। इस अवसर पर डॉ. सी. एल. महावर एवं शंकर मीणा ने प्रत्येक स्थल के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. इरफान अहमद ने देश भक्ति नारों से छात्राओं का उत्साहवर्धन किया, वहीं डॉ. गोपाल जाट ने दुर्ग के इतिहास से संबंधित ओजस्वी गीतों का सामूहिक गायन करवाया।
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने चित्तौड़गढ़ के इतिहास से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका समाधान चित्तौड़ विषय के विद्यावाचस्पति डॉ. गोपाल जाट ने विस्तारपूर्वक किया। साथ ही बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला कलेक्टर आलोक रंजन के निर्देशानुसार जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक के निर्देशन में चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा दुर्ग भ्रमण के दौरान विजय स्तंभ के पास बाल विवाह जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
इस शैक्षणिक भ्रमण एवं जागरूकता कार्यक्रम से छात्राओं में इतिहास-बोध, राष्ट्रप्रेम एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रभावी संचार हुआ।