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सीधा सवाल। राशमी। सनातन धर्म में सोलह संस्कारों का उल्लेख किया जाता हे, जो मानव में गर्भाधान से लेकर अंत्येष्टि क्रिया तक किए जाते हैं। जिनमें विवाह संस्कार सबसे महत्वपूर्ण संस्कार है। जिस पर संपूर्ण गृहस्थ का आधार स्थापित होता है। सबसे अधिक समय तक चलने वाले इस संस्कार में लग्न पत्रिका लिखने से विवाह संपन्न होने तक कई दिन लगते हैं एवं कई प्रकार के पूजा विधान किए जाते हैं। जिससे गृहस्थ जीवन में सुख, शांति का अनुभव होता है । उक्त विचार जाडाना में आयोजित सामूहिक तुलसी विवाह एवं सनातन भागवत में संत राधेश्याम सुखवाल ने व्यक्त किए। सुखवाल ने कहा कि विशाल मंदिर और जन-जन की आस्था का केंद्र मूर्तियां ही सनातन हिंदू धर्म को विश्व में अपनी पहचान दिलाती है । वही पुनर्जन्म का सिद्धांत सनातन हिंदू धर्म की विलक्षण पहचान है। कथा के दूसरे दिन तुलसी विवाह में गणपति पूजन एवं माताजी पूजन संपन्न की रस्म हुई।