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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। राज्य के चित्तौड़गढ़ स्थित सैनिक स्कूल में गुरुवार को ड्रिल प्रतियोगिता का आयोजन स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया एवं उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव के निर्देशन में अत्यंत गरिमामय, अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया रहे। सीनियर मास्टर ओंकार सिंह एवं एनसीसी के सेकंड ऑफिसर एएनओ धीरज शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि सैनिक स्कूल में आयोजित इस भव्य ड्रिल प्रतियोगिता का उद्देश्य कैडेट्स में अनुशासन, एकरूपता, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक दक्षता एवं सामूहिक समन्वय को विकसित करना था। प्रतियोगिता के दौरान पूरे परिसर में अनुशासन, जोश एवं सैन्य परंपराओं की झलक देखने को मिली। इस प्रतियोगिता में स्कूल के कुल नौ सदनों के कैडेट्स ने भाग लिया। प्रत्येक कंपनी से एक कमांडर एवं 24 कैडेट्स का दल निर्धारित मापदंडों एवं नियमों के अनुरूप ड्रिल मैदान में उतरा। कैडेट्स ने परेड, सलामी, टर्निंग मूवमेंट्स एवं समन्वित कदमताल के माध्यम से अपनी शारीरिक मजबूती, मानसिक सजगता एवं उच्च स्तर के प्रशिक्षण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सभी दलों ने अनुकरणीय तालमेल, समय की पाबंदी एवं अनुशासन का परिचय देते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता के दौरान कैडेट्स की एकजुटता, आत्मविश्वास एवं समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। प्रत्येक दल ने अपने कमांडर के नेतृत्व में सामूहिक भावना के साथ ड्रिल प्रस्तुत की, जिससे नेतृत्व कौशल एवं टीम वर्क का प्रभावी प्रदर्शन हुआ।
मुख्य अतिथि कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया ने प्रतियोगिता को संबोधित करते हुए कहा कि ड्रिल केवल परेड का अभ्यास नहीं है, बल्कि यह कैडेट्स के व्यक्तित्व निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि ड्रिल कैडेट्स को चलने-बैठने का सही ढंग सिखाने के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता को निखारने, शारीरिक फिटनेस बनाए रखने, मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने, सहनशक्ति विकसित करने तथा मानसिक दृढ़ता को सुदृढ़ करने में सहायक होती है। उन्होंने सभी कैडेट्स के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें अनुशासन एवं समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता में बेस्ट कमांडर सांगा हाउस का कैडेट लक्की शर्मा रहा। प्रतियोगिता में सांगा हाउस 243 अंको के साथ प्रथम, लव हाउस 221.5 अंको के साथ द्वितीय एवं बादल हाउस 220 अंको के साथ तृतीय स्थान पर रहा। प्रतियोगिता में निर्णायक का कार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव, सूबेदार कुलदीप सिंह, नायब सूबेदार ऋषिपाल सिंह, हवलदार सुरेश पिलानियाँ, हवलदार संदीप एंव सीएचएम मुनबुल नरजरी ने किया। इस प्रतियोगिता के सयोंजक धीरज शर्मा एवं जयपाल सिंह थे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि कर्नल जसरोटिया ने विजेता सदन को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया एवं सभी प्रतिभागी कैडेट्स को उनके अनुशासन, मेहनत एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी।
सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में 78वां सेना दिवस गरिमा उत्साह एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया
राज्य के चित्तौड़गढ़ स्थित सैनिक स्कूल में 15 जनवरी को भारतीय सेना के 78वें सेना दिवस का आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं देशभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में किया गया। यह कार्यक्रम स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया एवं उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। सेना दिवस के अवसर पर स्कूल के शंकर मेनन सभागार में एक विशेष सभा का आयोजन किया गया,
जिसमें स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सीनियर मास्टर ओंकार सिंह एवं एनसीसी के सेकंड ऑफिसर एएनओ धीरज शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबू लाल शिवरान ने बताया कि भारतीय सेना दिवस की 78वी वर्षगांठ पर आयोजित सभा में मुख्य अतिथि ने कहा कि हमारे सैनिक अपने कर्तव्यों के प्रति अडिग निष्ठा रखते हुए कठिनतम परिस्थितियों में भी देश की सेवा करते हैं। यह वही सेना है जिसने न केवल सीमाओं पर हमारे देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के समय में भी लोगों की मदद की है। उनके अदम्य साहस और समर्पण से हम प्रेरित होते हैं और हमारे हौसले को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। आज के इस अवसर पर, हम उन महान वीरों को बद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने अपनी जान की आहुति दी, ताकि हम सुरक्षित रह सकें। उनके बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। हमें उनके दिखाए गए मार्ग पर चलकर अपने देश के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने सभी कैडेट्स से कहा की आप सभी भी अपने आत्मविश्वास और अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी से हमेशा समर्पित रहें।
कैडेट मननय चैधरी एवं कैडेट लक्की ने भारतीय सेना के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर भारतीय सेना के इतिहास, भारतीय सेना में शामिल विभिन्न प्रकार के लड़ाकू टैंक एवं भारतीय सेना के द्वारा लड़े गए कारगिल युद्ध, भारत-पाकिस्तान युद्ध, भारत-चीन युद्ध, आधुनिक भारतीय सेना और टेक्नोलॉजी और आत्मनिर्भर भारत, मिसाइल और रक्षा प्रणाली सैटेलाइट संचार, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारतीय सेना, भारतीय सेना में महिलाएं के बारे में विस्तार से बताया। कैडेट्स को इस अवसर पर भारतीय सेना की शौर्यगाथा पर आधारित एक लघु डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिससे कैडेट्स में देशभक्ति एवं सेना के प्रति सम्मान की भावना और अधिक प्रबल हुई। इस अवसर पर स्कूल के समस्त स्टाफ एवं कैडेट्स उपस्थित थे।