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सीधा सवाल। भादसोड़ा। भादसोड़ा कस्बे के प्राचीन सांवरिया सेठ मंदिर में पिछले 10 वर्षों से चुनाव नहीं होने को लेकर चल रहे विवाद का शुक्रवार को समाधान निकल आया। ग्रामवासियों और सर्व हिंदू वैष्णव समाज के विरोध के बाद मंदिर परिसर में सर्व समाज की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से मंदिर कमेटी को भंग कर 5 फरवरी तक निष्पक्ष चुनाव कराने पर सहमति बनी। इसके बाद माहौल शांत हो गया।
बैठक में भादसोड़ा सरपंच शंभू सुथार, मंदिर कमेटी अध्यक्ष गोपाल सिंह तंवर, मंत्री इंद्रमल उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। सभी ने अपने-अपने विचार रखे और सुझाव दिए। चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि लंबे समय से चुनाव नहीं होने के कारण समाज में रोष व्याप्त था।
बैठक में प्रस्ताव पारित कर तय किया गया कि 5 फरवरी तक मंदिर कमेटी के चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रखने के लिए रमेश अग्रवाल को चुनाव पर्यवेक्षक तथा शांति लाल सुथार को सहायक पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया। इसके साथ ही कस्बे के चार अन्य लोगों को भी समिति में शामिल किया गया।
कार्यवाहक अध्यक्ष गोपाल सिंह और इंद्रमल उपाध्याय ने बताया कि चुनाव से पहले मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। पार्किंग व्यवस्था, पीने के पानी और शौचालय की सुविधा जल्द उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में एडवोकेट मदन खटीक, रणजीत सिंह चौहान, एडवोकेट कैलाश चंद्र जाट, मोतीलाल जाट, ओमप्रकाश आमेटा, श्यामलाल दर्जी, दीपक जोशी, विमल अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, संजय आमेटा, चंद्र प्रकाश आमेटा, मनीष सोनी, राहुल सोनी, विकास सोनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।
सर्व समाज की सहमति से लिए गए निर्णय के बाद सांवरिया सेठ मंदिर को लेकर चल रहा विवाद समाप्त हो गया और कस्बे में शांति का माहौल बना।