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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। राजकीय कन्या महाविद्यालय चित्तौड़गढ़ में संस्कृत विभाग, आइक्युएसी और भारतीय ज्ञान परम्परा केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में बसन्त पंचमी मनायी गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ गौतम कुमार कूकड़ा के नेतृत्व में संकाय सदस्यों और छात्राओं ने विधिवत् सरस्वती पूजन कर मां वीणापाणि की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्राचार्य ने इस अवसर पर विद्यार्थी और शिक्षक की आराध्या मां सरस्वती की आराधना का महत्त्व बताते हुए छात्राओं को अध्ययन के लिए प्रेरित किया। संस्कृत विभाग के सहायक आचार्य डॉ श्याम सुन्दर पारीक के नेतृत्व में संस्कृत विभाग की छात्राओं ने सस्वर श्लोकोच्चारण एवं सरस्वती वंदना से पूजन कार्य सम्पादित करवाया। डॉ श्याम सुन्दर पारीक ने बसन्त ऋतु और मां सरस्वती की महत्ता बताते हुए बसन्त पंचमी को वाणी और संगीत आदि 64 कलाओं एवं 18 विद्याओं की साधना के शुभारम्भ का पर्व बताया। सरस्वती पूजन के बाद राज्य स्तरीय निपुण मेला 2026 के सन्दर्भ में कोमर्स कोलेज जयपुर में आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण स्मार्ट कक्षा कक्ष में स्मार्ट टीवी के माध्यम से सभी छात्राओं एवं शिक्षकों को दिखाया गया। कार्यक्रम में डॉ सीएल महावर, डॉ इरफान अहमद, डॉ लोकेश जसोरिया, रेखा मेहता, डॉ ज्योति कुमारी, डॉ अंजु चौहान, जयश्री कुदाल, रिंकी गुप्ता, शंकर बाई मीणा, डॉ प्रीतेश राणा, डॉ गोपाल लाल जाट, दिव्या कुमारी चारण, वन्दना शर्मा, शांतिलाल मेघवाल,आकाश, अमित, गोपाल लक्षकार सहित महाविद्यालय की छात्राएं उपस्थित रहीं।