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सीधा सवाल। चित्तौडग़ढ। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या -2 के न्यायाधीश विनोद कुमार बैरवा ने करीब 6 वर्ष पुराने मारपीट व लूटपाट के मामले में 5 आरोपियों को दोषी मानते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
अपर लोक अभियोजक ममता जीनगर ने बताया कि 10 सितंबर 2020 को पन्नालाल पिता उदय राम प्रजापत निवासी मानसिंह जी का खेड़ा थाना गंगरार ने पुलिस को इस आशय की रिपोर्ट दी कि बीती रात उसका भाई मोड़ी राम व भतीजा प्रकाश चंद्र, पोरवाल पेट्रोल पंप के पास बन रहे शोरूम पर चौकीदारी कर रहे थे। इसी दौरान सुबह 5 बजे के करीब मुकेश, राजू , शंकर, भेरू सहित 10-15 लोग कार व मोटरसाइकिलों पर आए तथा वहां पड़े उसके भाई मौड़ी राम के शर्ट में रखें 10 हजार रुपये निकाल कर ले जाने लगे। उसके भाई द्वारा रोकने पर उसके साथ मारपीट करने लगे, जिसे देखकर भतीजा प्रकाश चंद्र बीच बचाव में आया तो सभी लोगों ने मिलकर दोनों के साथ लोहे के सरियों, स्टिक, लठ आदि से गंभीर रूप से मारपीट कर उनके हाथ पैर तोड़ दिए। इस शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध लूटपाट व मारपीट का प्रकरण दर्ज किया। पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर अनुसंधान पूर्ण कर उनके विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। जहां दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात न्यायाधीश बैरवा ने डेट थाना गंगरार निवासी राजेंद्र उर्फ राजू पुत्र भंवर गुर्जर, भैरूलाल पुत्र नानालाल गुर्जर, मदन उर्फ कान्हा पुत्र गोपी लाल गुर्जर, सोनू पुत्र किशन लाल गुर्जर, शंकरलाल पुत्र भंवरलाल गुर्जर को दोषी मानते हुए धारा 147 के तहत एक-एक वर्ष का कठोर कारावास, धारा 341 के तहत एक-एक वर्ष का कठोर कारावास, धारा 323 के तहत एक-एक वर्ष का कठोर कारावास, धारा 325 के तहत 5-5 वर्ष का कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 308 के तहत 5-5 वर्ष का कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।