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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। विश्व विरासत में शुमार चित्तौड़ दुर्ग पर पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है लेकिन दुर्ग पर फैली अव्यवस्थाओं और माफियाओं के आतंक के कारण आए दिन कई प्रकार की घटनाएं देखने काे मिल रही है। दुर्ग पर सोमवार दोपहर इसी प्रकार की एक घटना में पार्किंग को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि पार्किंग पर काम करने वाले लोगों ने एकजुट होकर एक ऑटाे चालक की जम कर पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हाे गया। ऑटो चालक के नाक पर 5 टांके आए। वहीं चालक ने पार्किंग स्टाफ पर हथियारों से मारपीट का आरोप लगाया है। बाद में ऑटो चालक पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा, जहां से कोतवाली थाने भेजा गया और मारपीट करने वालों के विरूद्ध रिपोर्ट दी है।
कोतवाली पुलिस थाने के एएसआई कैलाश मीणा ने बताया कि थाने पर प्रार्थी दिनेश मेघवाल ने रिपोर्ट दी है, जिस पर प्रकरण दर्ज कर लिया है। इसकी रिपोर्ट पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने पीड़ित का मेडिकल करवाया है, जो कि ऑटो चलाता है। थाने पर दी रिपोर्ट में प्रार्थी ने बताया कि दुर्ग पर सवारियों पर ऑटो चलाने का वह काम करता है। रोजमर्रा की तरह पर्यटकों को लेकर सोमवार दोपहर में मीरा मंदिर के सामने स्थित पार्किंग पर ऑटो खड़ा कर रहा था। उसने बताया कि पार्किंग का शुल्क सवारियों द्वारा दिया जाता है। लेकिन शुल्क की मांग को लेकर पार्किंग संचालकों ने उसके ऊपर हमला कर दिया और उसके साथ मारपीट की। मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसे श्री सांवलियाजी राजकीय सामान्य चिकित्सालय ले जाया गया। यहां उसका उपचार किया। प्रार्थी के नाक पर पांच टांके आए। कोतवाली थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। घायल दिनेश ने बताया कि पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारियों की और से आए दिन ऑटो चालकों और पर्यटकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाती है। पार्किंग शुल्क के लिए रोज झगड़े होते है। वहीं पार्किंग पर किसी प्रकार की सुविधाएं मौजूद नहीं है।