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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। फोन पर लोगों को बेवकूफ बना कर रुपए ऐंठने और लोभ देकर सब्जबाग दिखाते हुए लाखों रुपए ठगी कर देने के मामले सामने आते रहते है। ऐसा ही एक मामला साइबर थाने में दर्ज हुआ है। दस लाख रुपए से अधिक का साइबर फ्रॉड होने के कारण जयपुर जीरो एफआईआर के जरिए दर्ज किया गया है। इसमें मेरठ में कार बेचने वाले दलाल की और से निम्बाहेड़ा के एक व्यक्ति के साथ 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
साइबर थानाधिकारी मधु कंवर ने बताया कि निम्बाहेड़ा की निवेदिता कॉलोनी निवासी दिनेशचंद्र जोशी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इसमें बताया कि वह मंगलवाड़ चौराहे पर खाद बीज की दुकान लगाता है और उसे कार की आवश्यकता होने पर उसने उसके मित्र अखिलेश कुमार मिश्रा को बताया। इस पर उसने उत्तरप्रदेश में मेरठ के कार बेचने वाले करण गोस्वामी के नम्बर दिए, जिसने अमित गोस्वामी से बात करवाई। गोस्वामी ने बताया कि उसके पास क्रेटा नए माॅडल की कार है। कुछ दिनों तक वाट्सएप कॉल पर बात होती रही। बाद में उसने टॉप मॉडल की कार होने की बात कहते हुए 4 लाख रुपए की मांग की। इस पर उसने पहले एक लाख, फिर 75 हजार उसके कहे अनुसार बैंक खाते में डाल दिए। बाद में उसने अमित गोस्वामी की पत्नी मेघा के नाम पर रुपए की मांग की और गाड़ी के टैक्स, कागज आदि के रुपए डालने को बोला। इस पर प्रार्थी दिनेशचंद्र ने यूपीआई के माध्यम से रुपए डाल दिए और तीन-चार दिन में क्रेटा भेजने की बात कही। काफी समय तक कार नहीं आने पर जब कॉल किए तो आरोपी ने उससे और रुपए की मांग की तथा कुल 10 लाख रुपए ले लिए। प्रार्थी ने रिपोर्ट में बताया कि बाद में आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। इसी बीच झांसा दिया कि राजस्थान का टैक्स नहीं कटने से कुछ समस्या आ रही है। बाद में गाड़ी भेजने का झांसा देता रहा और अब फोन करने पर धमकियां मिल रही है। प्रार्थी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उसने अपनी पत्नी के आधार कार्ड, पेन कार्ड और हस्ताक्षर व ओटीपी आदि भी दिये है, जो उसका दुरूपयोग कर सकता है। इस संबंध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं पुलिस नम्बरों और यूपीआई ट्रांसफर के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।
प्रार्थी ने साईबर फ्रॉड की ऑनलाइन शिकायत
साइबर थानाधिकारी मधु कंवर ने बताया कि प्रार्थी ने ऑनलाइन शिकायत साइबर मुख्यालय जयपुर की थी। वहां जीरो की एफआईआर काट कर चित्तौड़गढ़ साइबर थाने भेजी है। इस पर प्रकरण की जांच की जा रही है। थानाधिकारी ने बताया कि 10 लाख अथवा इससे अधिक के साइबर फ्रॉड के प्रकरण जयपुर में ही दर्ज होते हैं।