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सीधा सवाल। भीलवाड़ा/चित्तौड़गढ़। राजस्थान पुलिस की विशेष टीम DST ने राज्य के टॉप-10 अपराधियों में शामिल भैरू लाल उर्फ भैरू झोंपड़ा को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में यह कार्रवाई अहमदाबाद (गुजरात) में हुई। भैरू झोंपड़ा पर भीलवाड़ा से ₹25, हजार और चित्तौड़गढ़ से 5 हजार का इनाम घोषित था। फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) पारस जैन व वृताधिकारी (सदर) माधव उपाध्याय के सुपरविजन में DST प्रभारी कन्हैया लाल की अगुवाई में विशेष टीम बनाई गई थी। टीम ने कॉल डिटेल (CDR) विश्लेषण और मानवीय आसूचना के जरिए भैरू झोंपड़ा का पीछा किया। कांस्टेबल राकेश भंडारी और घीसू लाल के विशेष तकनीकी योगदान और सटीक रेकी की बदौलत पुलिस 'मोस्ट वांटेड' तक पहुँचने में कामयाब रही।
अपराध का काला साम्राज्य: 20 संगीन मामले दर्ज
भैरू लाल गुर्जर (निवासी: झोंपड़ा, गंगरार) का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद गंभीर है। उस पर दर्ज मामले इस प्रकार हैं। पुलिसकर्मी के पुत्र की हत्या: चित्तौड़गढ़ कोतवाली क्षेत्र में एक ASI के बेटे की हत्या का मुख्य आरोपी। जानलेवा हमला: हमीरगढ़ (भीलवाड़ा) में प्रहलाद जाट पर लोहे की सरियों से हमला और लूट का मुख्य सूत्रधार। गंभीर धाराएं: हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार और तस्करी के कुल 20 प्रकरणों में नामजद।
घटना का बैकग्राउंड
31 मई की रात भैरू झोंपड़ा और उसकी गैंग ने पुरानी रंजिश के चलते स्वरूपगंज चौराहे पर चाय पी रहे प्रहलाद जाट पर जानलेवा हमला किया। आरोपियों ने उसे मरणासन्न कर दिया और सोने की चैन व नकदी भी लूट ली। तब से पुलिस कई राज्यों में उसकी तलाश में लगी हुई थी। भीलवाड़ा DST प्रभारी कालूराम धायल के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी कर यह बड़ी कार्रवाई की। टीम में बनवारी लाल विश्नोई, असलम, राकेश भंडारी, घिसूलाल और घेवर शामिल थे। DST की यह कार्रवाई भीलवाड़ा पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, और अब भैरू झोंपड़ा न्याय के सामने खड़ा होगा।