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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। जिले के कनेरा थाना क्षेत्र में आने वाले सरसी गांव निवासी एक अफीम काश्तकार के मकान से चोर डोडा चूरा से भरे कट्टे चोरी कर ले गए। साथ ही कमरे की अंदर से करीब डेढ़ लाख रुपए की नकदी और दो तोला बजनी से भी अधिक सोने के आभूषण चोरी हुए हैं। इस संबंध में प्रार्थी ने कनेरा थाने पर रिपोर्ट दी है। थाना पुलिस ने चोरी का प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया। अज्ञात चोर मकान में पीछे की ओर स्थित खिड़की को निकाल कर कमरे में घुसे थे।
कनेरा थाने के एएसआई प्रकाशचन्द्र बताया कि थाने पर सरसी निवासी रामप्रसाद धाकड़ ने रिपोर्ट दी है। इसमें बताया कि उसके परिवार में अफीम का लाइसेंस है। ऐसे में इस बार की अफीम की फसल में डोडे पर चीरे लगा कर अफीम निकाली थी। बाद में डोडा चुरा और अफीम दोनों ही घर में रखे थे। बीती रात को परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। वहीं अज्ञात चोर मकान में पीछे की ओर स्थित खिड़की निकाल कर घुसे। चोरों ने इस कमरे की तलाशी लेकर यहां रखे चार कट्टे डोडा चूरा के चोरी कर लिए। वहीं कमरे से सोने के कंगन व झुमकियां भी चोरी कर के ले गए। मकान में हुई चोरी की जानकारी सुबह नींद खुली तब पता चली। इस पर कनेरा थाने पर सूचना दी गई। थानाधिकारी महेंद्र सिंह के निर्देश पर टीम ने सरसी गांव पहुंच कर मौका मुआयना किया। यहां जांच की तो सामने आया कि प्रार्थी राम प्रसाद धाकड़ तथा इसके माता-पिता भी मकान में ही थे। लेकिन सभी अलग-अलग कमरे में सोए हुए थे। मकान के जिस कमरे में डोडा चुरा के कट्टे एवं आभूषण रखे थे उसे कमरे में कोई नहीं सोया था। मकान में एक पंखे वाला बड़ा कूलर लगा हुआ था, जिसकी तेज आवाज में खिड़की तोड़ने का पता ही नहीं चल पाया। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज करते हुए अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है। गौरतलब है कि चित्तौड़गढ़ जिले में इस वर्ष घर में रखे डोडा चूरा की चोरी का या पहला मामला है। किसान डोडा चूरा को भी कीमती वस्तु की तरह सहेज कर और सुरक्षित रखते हैं। इसके बावजूद भी तस्करी में लिप्त आरोपी सहित अन्य चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं।
सुरक्षित रही अफीम से भरी बाल्टी, शुक्रवार को तौल
कनेरा थाना के एसआई प्रकाशचंद्र ने बताया कि प्रार्थी ने अपने लाइसेंस पर अफीम की बुवाई की थी। चीरे लगाने के बाद जो अफीम एकत्रित हुई उसे बाल्टी में भर कर रखा था और शुक्रवार को अफीम तौल केंद्र ही जाना था। अफीम से भरी बाल्टी रामप्रसाद धाकड़ के पिता के कमरे में रखी हुई थी, जिससे बच गई। वहीं शुक्रवार को ही अफीम तौल का नंबर था। अगर डोडा चुरा के साथ अफीम भी चोरी हो जाती तो अगले साल इसके अफीम बुवाई के लाइसेंस पर संकट आ सकता था।