252
views
views
सीधा सवाल। भूपालसागर। महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र में हुआ इनका मुल उद्देश्य महिलाओं को शिक्षा का अधिकार प्रदान करना, बाल विवाह का विरोध, विधवा विवाह का समर्थन करना रहा है। फूले समाज की कुप्रथा, अंधश्रद्धा की जाल से समाज को मुक्त करना चाहते थे। अपना संपूर्ण जीवन महिलाओं को शिक्षा प्रदान कराने मे व महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने मे व्यतीत किया उक्त वाक्य अतिरिक्त मुख्य ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण सिंह चुण्डावत ने महात्मा ज्योतिबा फूले जयंती पर मुख्य ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी एवम पदेन बीआरसीएफ कार्यालय मे शनिवार को अपने उद्बोधन में व्यक्त किए। महात्मा ज्योतिबा फूले जयंती के उपलक्ष्य मे आयोजित कार्यक्रम मे तस्वीर पर माल्यार्पण कर समस्त अधिकारियों ने नमन किया एंव उनके जीवनी पर प्रकाश डालते हुए समाज सुधारक एंव शिक्षा के क्षेत्र मे उनके योगदान का विशेष उल्लेख किया। इस अवसर पर प्रशासक प्यार चन्द्र भील, आर पी ओम प्रकाश पहाड़िया, प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र आगाल, लेखाकार प्रेमशंकर रैगर, चिकित्सा विभाग प्रवीण रैगर, प्रधानाचार्य कानाखेडा जाकीर हुसैन, कृष्ण कुमार शर्मा, राकेश जैन, योगेश टांक, कैलाश चन्द्र माली, देवीलाल माली सहित शिक्षक रवि कुमार, राकेश चौधरी उपस्थित रहे।