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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक दुर्ग चित्तौड़गढ़ पर लापरवाही का एक बड़ा नमूना देखने को मिला है जहां कीर्ति स्तंभ के पास स्थित प्राचीन जैन मंदिर से चोरों ने अष्टधातु की प्राचीन महावीर स्वामी एवं शांतिनाथ भगवान की दो प्रक्रियाओं के साथ चांदी के छत्र चँवर और भंडार का ताला तोड़कर नगदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना की जानकारी देते हुए मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े पुजारी संजय ने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे मंदिर में पहुंचते हैं शुक्रवार को भी जब वह मंदिर पहुंचे तो मंदिर के सात ताले टूटे हुए थे। और मंदिर पूरी तरह से अस्तव्यस्त था। जिस पर उन्होंने वहां पुरातत्व विभाग द्वारा तैनात किए गए गार्ड को उठाया बड़ी मुश्किल से उठ पाया। घटनाक्रम की सूचना नहीं होने की जानकारी दी जिस पर पुजारी ने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों एवं पुलिस को सूचना दी इसके बाद पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह पुलिस उपाधीक्षक बृजेश सिंह और थाना अधिकारी तुलसीराम प्रजापत सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची वहीं घटना के स्थल से साक्षी जुटाए गए पुलिस ने प्रारंभिक रूप से घटनाक्रम को लेकर जांच शुरू कर दी है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि यह मंदिर जैन समाज के साथ-साथ जन आस्था का केंद्र है पूर्व में यहां पर चोरी की वारदात हो चुकी है इसके पश्चात पुरातत्व विभाग द्वारा यह स्थाई गार्ड तैनात किए गए लेकिन एक बार फिर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया है जिससे पूरे जैन समाज में आक्रोश प्राप्त हो गया है फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।