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क्षेत्रीय विधायक डॉ धाकड़ ने चारदीवारी निर्माण के लिए की 10 लाख की घोषणा
सीधा सवाल। बेगूं। समस्त माली समाज द्वारा 9 वाँ सामूहिक विवाह सम्मेलन रविवार को हवाला की बावड़ी पर आयोजित हुआ, जिसमें 44 जोड़ो ने गौधूलिक वेला में एक दूसरे को अपना हमसफर चुना। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक डॉ सुरेश धाकड़ ने समाज की भूमि पर चारदीवारी निर्माण के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। जानकारी के अनुसार समस्त माली समाज बेगूं और घुघरी के गांव के तत्वावधान में रविवार को हवाला की बावड़ी, बेगूं में आदर्श नवम् सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें 44 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इससे पूर्व सामूहिक विवाह सम्मेलन के तहत 22 अप्रैल को दोपहर 3:15 बजे गणपति स्थापना, 23 अप्रैल प्रातः 7:15 बजे जल यात्रा, दोपहर 12:15 बजे कलश स्थापना व पूर्णाहुति, 25 अप्रैल सायं 4 बजे कलश, रात्रि 8 बजे विशाल भजन संध्या और 26 अप्रैल को गोधुलिक वेला में पाणिग्रहण संस्कार आयोजित हुआ, जिसमें 44 जोड़ो ने अग्नि को साक्षी मानकर एक दूसरे को अपना हमसफर चुना। बताया गया कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में रविवार को सुबह से ही वर और वधू पक्ष का पहुंचना शुरू हो गया, जिसने आयोजन स्थल पर विशाल आयोजन की भव्यता को प्रदर्शित किया। इधर आयोजन कमेटी द्वारा छाया, पानी के साथ ही भीषण गर्मी से बचाव को लेकर व्यापक स्तर पर व्यवस्था की गई। रविवार रात्रि 8 बजे आशीर्वाद समारोह कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक डॉ सुरेश धाकड़ ने पहुंचकर नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया, और कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विवाह समारोह में फिजूलखर्च को कम करने और सामाजिक एकजुटता को बताता है। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक डॉ धाकड़ ने माली समाज की भूमि पर चारदीवारी निर्माण के लिए 10 लाख रुपए की घोषणा की। इसके साथ ही इस भव्य आयोजन को लेकर माली समाज को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर माली समाज अध्यक्ष बगदीराम माली, भाजपा जिला महामंत्री कैलाश मंत्री, पूर्व नपा अध्यक्ष पूजा सोनी, निर्मला भुक्कल, मदनलाल माली, निर्मल माली, राजेंद्र माली, कालू माली, दीपक पंचोली, जयश्री सेन, सरोज कांवड़िया, सूरज माली, कृपाशंकर माली, विष्णु माली सहित हजारों की संख्या में समाज जन मौजूद रहे। इसके साथ ही आम चौखला माली समाज की बैठक रविवार को आयोजित की गई। जिसमें समाज के सभी पंचों ने मिलकर समाज सुधार के तहत कई प्रस्ताव लिये जिस पर सभी ने एकमत से सहमति प्रदान की। माली समाज ने मृत्युभोज / गंगोज में एक मिठाई बनाने व एक दिन का कार्यक्रम करने, मायरा व चुगल, झडुला कार्यक्रम में बहन-बेटी के यहां से किसी भी प्रकार की भेंट, उपहार या कपड़े नहीं लेने तथा शादी में दुल्हन हेतु गहने/आभूषण में अधिकतम 2 तोला सोने के गहने एवं आधा किलो चांदी के गहने लेने सहित अन्य प्रस्ताव लिए गए।