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पेंशनभोगियों ने कहा- इलाज नहीं मिला तो जिम्मेदारी कौन लेगा; मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
सीधा सवाल। छोटीसादड़ी। राजस्थान सरकार की स्वास्थ्य योजना आरजीएचएस (RGHS) की व्यवस्था प्रभावित होने को लेकर पेंशनभोगियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। योजना के तहत इलाज और स्वास्थ्य सेवाएं समय पर नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए राजस्थान पेंशनर समाज की स्थानीय उपशाखा ने छोटीसादड़ी में सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पेंशनर्स ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
जानकारी के अनुसार राजस्थान पेंशनर समाज के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। पेंशनर्स का कहना है कि पिछले कई महीनों से आरजीएचएस व्यवस्था प्रभावित है, जिससे पेंशनभोगियों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कर्मचारी नेताओं ने सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि पेंशनभोगियों के स्वास्थ्य से जुड़ी योजना में लापरवाही गंभीर विषय है। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होने से बुजुर्ग और बीमार पेंशनर्स सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
सद्बुद्धि यज्ञ के बाद उपशाखा अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार औदिच्य के नेतृत्व में पेंशनर्स उपखंड कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरजीएचएस व्यवस्था को सुचारू करने और जल्द समाधान की मांग की गई।
उपशाखा अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार औदिच्य ने कहा कि सरकार के इस रवैये से पेंशनभोगियों में चिंता बढ़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इलाज के अभाव में किसी पेंशनर के साथ अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? साथ ही चेतावनी दी कि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ज्ञापन पर कन्हैयालाल जटिया, जगदीश चंद्र कुमावत, बाबूराव मराठा, आशाराम सोलंकी, पारसमल जैन, बद्रीलाल कौशिक, डॉ. जगन्नाथ सोलंकी, सत्यनारायण शर्मा, शंकरलाल मीणा, राजेंद्र कुमार औदिच्य सहित बड़ी संख्या में पेंशनभोगियों के हस्ताक्षर रहे।
पेंशनर्स का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाएं उनका अधिकार हैं और सरकार को इस मुद्दे पर जल्द ठोस निर्णय लेना चाहिए। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है।