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भीषण गर्मी में छात्रों ने पेड़ों पर टांगे जीवन के कलश, ‘जल है तो कल है’ के संदेश के साथ निकली प्रभात फेरी
पुखराज कुमावत/सुमेरपुर/पाली।जहां एक ओर भीषण गर्मी से इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान पक्षियों का जीवन भी संकट में है, वहीं कोलीवाड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ने मानवता, पर्यावरण और जल संरक्षण का ऐसा संदेश दिया जिसने हर किसी का दिल जीत लिया।वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत विद्यालय परिसर में आयोजित “प्यासे पंछियों को पानी पिलाओ, एक परिंडा अवश्य लगाओ” मुहिम केवल एक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बन गई।विधालय परिसर में छात्रों ने उत्साह के साथ पेड़ों पर परिंडे बांधे और उनमें नियमित पानी भरने का संकल्प लिया। तपती धूप और झुलसाती गर्मी के बीच यह पहल बेजुबान पक्षियों के लिए किसी जीवनदान से कम नहीं दिखी। कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में “जल है तो कल है” और “हर बूंद बचाओ” के संदेश गूंजते रहे।विद्यालय के प्रधानाचार्य मदन लाल परिहार ने कहा कि “वंदे गंगे जल संरक्षण अभियान” केवल पानी बचाने की मुहिम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को जल के महत्व से जोड़ने का जनजागरण अभियान है। उन्होंने विद्यार्थियों को जल संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा और पानी के सदुपयोग का संदेश देते हुए कहा कि यदि आज पानी नहीं बचाया गया तो भविष्य संकट में पड़ जाएगा।कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों द्वारा जागरूकता प्रभात फेरी भी निकाली गई, जिसने गांव में जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश फैलाया।योग शिक्षक ललित मेघवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इंसानियत केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बेजुबान जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने घरों और मोहल्लों में भी परिंडे लगाने तथा नियमित पानी भरने की अपील की।कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य कैलाश जानी, व्याख्याता सरफराज अहमद, उदय सिंह, महेंद्र कुमार, थानाराम तथा दिनेश कुमार सहित विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।विद्यालय परिसर में लगे परिंडे और उनमें पानी भरते बच्चों का दृश्य हर किसी को यह संदेश देता नजर आया कि यदि नई पीढ़ी जल और प्रकृति के प्रति जागरूक हो जाए, तो आने वाला भविष्य सुरक्षित और संवेदनशील बन सकता है।