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सीधा सवाल। सांवलियाजी। स्वतंत्र रूप से विचरण कर रही गौ नंदियों के संरक्षण को लेकर नपानिया गांव के युवाओं के जोश और सामूहिक संकल्प से सांवलियाजी सड़क मार्ग पर लगभग 20 लाख रुपये की लागत से विशाल गौशाला तैयार की गई है। साथ ही गौवंश के बेहतर उपचार के लिए 15 लाख रुपये की लागत से आईसीयू वार्ड तथा अलग से पशु एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जा रही है। गौशाला का शुभारंभ 11 जनवरी से नानी बाई के मायरा कथा के साथ होगा, जबकि समापन 14 जनवरी को 201 गांवों के मायरा के साथ किया जाएगा।
युवाओं के संकल्प से शुरू हुआ अभियान
जानकारी के अनुसार नपानिया गांव और आसपास के क्षेत्र के लोग लंबे समय से गौ सेवा और संरक्षण में अग्रणी रहे हैं। गांव के युवा व्यवसायिक कार्यों से विदेश, मुंबई सहित देश के विभिन्न हिस्सों में प्रवास करते हैं। त्योहारों पर गांव लौटने पर वे हमेशा स्वतंत्र विचरण कर रहे गौवंश के संरक्षण पर चर्चा करते रहे। इसी क्रम में गत वर्ष नपानिया और आसपास के युवाओं ने सांवलियाजी सड़क मार्ग पर गौशाला निर्माण का संकल्प लिया।
शुरुआत में युवाओं ने 11-11 हजार रुपये की राशि एकत्र की, इसके बाद नपानिया गांव के प्रत्येक घर से सहयोग लिया गया। आसपास के गांवों के भामाशाह भी इस अभियान से जुड़े। लगभग 15 से 20 बीघा भूमि पर गौशाला निर्माण कार्य शुरू किया गया।
डोम, सेड और मूलभूत सुविधाएं विकसित
भूमि की साफ-सफाई के बाद प्राथमिक रूप से विशाल डोम का निर्माण कराया गया, जिसमें घास-फूस का गोदाम तथा गायों को बरसात, सर्दी और गर्मी से बचाने के लिए सेड की व्यवस्था की गई। इस सेड की लागत ही 15 लाख रुपये से अधिक रही। इसके बाद किसी ने पशु खेळियां बनवाईं, किसी ने नलकूप खुदवाया, तो किसी ने विद्युत कनेक्शन और जेसीबी की व्यवस्था कराई। नगद सहयोग से गौशाला के विकास को निरंतर गति मिलती रही। बाद में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी सहयोग में आगे आए।
आईसीयू वार्ड और पशु एंबुलेंस की पहल
गौशाला समिति ने अब नए संकल्प के तहत नपानिया गांव के प्रत्येक घर से 4100 रुपये एकत्र कर लगभग 15 लाख रुपये की लागत से गायों के लिए आईसीयू वार्ड निर्माण का निर्णय लिया है। वहीं बुधपुरा गांव के लोगों के सहयोग से 11 लाख रुपये की लागत से पशु एंबुलेंस उपलब्ध कराने का भी निर्णय किया गया है।
नानी बाई के मायरा से होगा शुभारंभ
इस वर्ष गौशाला समिति ने भव्य धार्मिक आयोजन के साथ गौशाला के शुभारंभ का निर्णय लिया। इसी क्रम में चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर हरे कृष्ण प्रभु राकेश जी पुरोहित के सानिध्य में 11 जनवरी से नानी बाई का मायरा कथा आयोजन होगा। कथा का समापन 14 जनवरी को 201 गांवों के मायरा के साथ किया जाएगा।
201 गांवों को आमंत्रण, सोशल मीडिया से प्रचार
कथा और मायरा में भाग लेने के लिए नपानिया सहित आसपास के गांवों के लोग अब तक 201 गांवों में पीले चावल देकर आमंत्रण दे चुके हैं। साथ ही घर-घर जाकर संपर्क किया जा रहा है। अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता के लिए सोशल मीडिया का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। विभिन्न यूट्यूब चैनलों और व्हाट्सएप के माध्यम से आमंत्रण संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
तैयारियां अंतिम चरण में
नानी बाई के मायरा कथा को लेकर नपानिया गांव से सांवलियाजी सड़क मार्ग तक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कथा स्थल पर विशाल डोम तैयार किया गया है, वहीं पार्किंग और भोजनशाला की अलग से व्यवस्थाएं की गई हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में नपानिया गांव सहित ग्राम पंचायत क्षेत्र के युवा और वरिष्ठजन जुटे हुए हैं।