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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स लगातार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है तो वहीं तस्करी में वांछित आरोपियों को भी गिरफ्तार कर रही है। इसी क्रम में राजस्थान की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने निकटवर्ती मध्यप्रदेश से मादक पदार्थ तस्करी में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी क्रिकेट खेलने का शौकीन होकर अपने टीम को कोचिंग देने आया था। इसकी सूचना मिलने के बाद नारकोटिक्स में उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार की आरोपी से अग्रिम अनुसंधान जारी है।
महा निरीक्षक पुलिस एटीएस एवं एंटी नारकोटिक्स फोर्स विकास कुमार ने बताया कि टीम लगातार मादक पदार्थ तस्करी पर लगाम कसे हुए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के नेतृत्व में प्रतिदिन एक से दो करवाई पूरे राज्य में हो रही है तो वहीं दूसरे राज्यों से भी प्रकरणों में वांछित चल रहे हैं तस्करों को गिरफ्तार करने के लिए प्रयास कर रही है। इसी के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने मध्यप्रदेश के बड़वानी पुलिस के वांछित तस्करी के आरोपी को पकड़ा है। प्रतापगढ़ जिले के कोटड़ी निवासी ईनामी बदमाश आवेश उर्फ अरमान पुत्र बादशाह खान को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश के बड़वानी में 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था, जिसमें यह फरार हो गया था। इस पर बड़वानी पुलिस की ओर से ईनाम भी घोषित किया था। 2025 में ही गांव के परवेज नाम के व्यक्ति को आवेश ने एमडी सप्लाई की थी। मौके पर पुलिस पहुंची तब तक आवेश फरार हो गया था। ऐसे में यह पुलिस के रडार पर था। नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली कि आरोपित क्रिकेट खेलने का शौकीन है तथा आस-पास के होने वाले टूर्नामेंट में दर्शक के तौर पर भी पहुंचता है। आगामी दिनों में कोटड़ी गांव में क्रिकेट का बड़ा टूर्नामेंट होने वाला है जिसमें वह टीम को कोचिंग करने जरूर आएगा। इस सूचना के बाद टीम ने जाल बिछाया। क्रिकेट मैच के दौरान आरोपित आवेश आया तो नारकोटिक्स टास्क फोर्स दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। इसे अब बड़वानी पुलिस को सौंपा जाएगा। इस कार्रवाई में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की प्रतापगढ़ व चित्तौड़गढ़ टीम की विशेष भूमिका रही।
पिता जेल गया तो घर चलाने के लिए खुद तस्करी में उतरा
महा निरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि आरोपित का पिता बादशाह खान एक वर्ष पूर्व एनडीपीएस के प्रकरण में जेल चला गया था। इससे इसका घर चलाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में आरोपित आवेश ने पढ़ाई छोड़ दी और मात्र 20 वर्ष की उम्र में ही तस्करी में लिप्त हो गया। आरोपित मध्य प्रदेश में नशे की खेप पहुंचाने लगा। आरोपित डोडा चुरा के साथ एमडी की तस्करी कर रहा था।