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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। राजकीय कन्या महाविद्यालय, चित्तौड़गढ़ में डॉ. गौतम कुमार कूकड़ा की अध्यक्षता में विज्ञान विभाग के तत्वावधान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर 2026 की थीम "विमेन इन साइंस: केटेलाइजिंग विकसित भारत" पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्राचार्य महोदय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में छात्राओं को बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रतिवर्ष 28 फरवरी को मनाया जाता है। इसी दिन महान भारतीय वैज्ञानिक सर सी. वी. रमन द्वारा किए गए “रमन प्रभाव” की खोज की घोषणा की गई थी, जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. इरफान अहमद ने विज्ञान को हमारे दैनिक जीवन से जोड़ते हुए उदाहरणों के माध्यम से छात्राओं को विज्ञान की महत्ता के बारे में बताया। सह आचार्य गणित डॉ. लोकेश जसोरिया ने रमन प्रभाव की व्याख्या करते हुए कहा कि जब प्रकाश की किरण किसी पारदर्शी पदार्थ से गुजरती है तो उसके कुछ अंश की तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन हो जाता है। यही परिवर्तन “रमन प्रभाव” कहलाता है, जो प्रकाश के प्रकीर्णन से संबंधित एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक खोज है। सहायक आचार्य प्राणी शास्त्र डॉ. अंजू चौहान ने बताया कि विज्ञान मानव जीवन को सरल, सुरक्षित और प्रगतिशील बनाने का प्रमुख आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने तथा शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सहायक आचार्य भौतिक शास्त्र जयश्री कुदाल ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत विज्ञान दिवस थीम पर आधारित ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन गूगल फॉर्म के माध्यम से किया गया। इस प्रतियोगिता में लगभग 100 से अधिक विज्ञान की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सहायक आचार्य रसायन शास्त्र रिंकी गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता में सहभागिता करने वाली सभी छात्राओं को ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्राओं करीना शुक्ला, रितिका आमेरिया, गरिमा सिसोदिया, आस्था छीपा व तनीषा परिहार को प्राचार्य द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संकाय सदस्य डॉ. श्याम सुंदर पारीक, डॉ जसप्रीत कौर, डॉ.प्रीतेश राणा, डॉ. गोपाल लाल जाट, दिव्या कुमारी चारण ने सक्रिय भूमिका निभाई।