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एक दर्जन छात्रों को थाने में ले जाने की मिल रही जानकारी
सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। जिले के गंगरार में संचालित चर्चित मेवाड़ यूनिवर्सिटी में बिना मान्यता भारतीय सेना की सद्भावना योजना के अंतर्गत बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले कश्मीरी छात्रों सहित कुल 40 छात्रों का प्रदर्शन अब दबाने का प्रयास तेज हो गया है। पूर्व में होली और रमजान की छुट्टी के बहाने घर भेजे गए विद्यार्थी जो अन्य पाठ्यक्रम में अध्यनरत है उन्होंने यूनिवर्सिटी पर अध्ययन सुचारु करने का दबाव बनाया और अब छात्रों के आंदोलन को खत्म करने का प्रयास किया गया। संख्या में पुलिस बल मेवाड़ यूनिवर्सिटी के परिसर में पहुंचा और वही नाटकीय घटनाक्रम के 27 दिन से प्रदर्शन कर रहे छात्रों में से कुछ छात्रों को पुलिस की बस में बिठा लिया गया। आरूप यह है कि छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया इसके चलते कार्रवाई की गई है। वही इसे लेकर पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। लगातार 27 दिन से जारी प्रदर्शन के बीच छात्रों द्वारा भी धोखाधड़ी और झूठ बोलकर प्रवेश देने के मामले में मेवाड एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष अशोक गदिया के विरुद्ध भी रिपोर्ट दी गई थी। वहीं छात्रों के विरुद्ध तोड़फोड़ की शिकायत दर्ज करवाई गई थी लेकिन इस बीच एक का एक इस तरह से छात्रों को थाने ले जाना छात्र आंदोलन को कुचलने का प्रयास प्रतीत हो रहा है। कश्मीर के अतिरिक्त अन्य छात्रों को भी जो स्थानीय है उन्हें प्रवेश दिया गया लेकिन इसे लेकर जनप्रतिनिधि कोई भी बात करने को तैयार नहीं है। इससे लगने लगा है कि पुलिस प्रशासन प्रबंधन के दबाव में काम कर रहा है और अंधेरे में जा रहे छात्रों के भविष्य को लेकर किसी को कोई परवाह नहीं है उल्टे अब उन पर कार्रवाई की तलवार लटकती दिखाई दे रही है।