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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। जिला मुख्यालय के सदर थाना इलाके में एक मारुति ईको कार में अज्ञात कारणों से आग लग गयी। देखते ही देखते कुछ ही पलों में पूरी गाड़ी जलकर राख हो गयी। पूरे मामले में गनीमत यह रही की हादसे के दौरान गाड़ी में बैठे युवक नीचे उतर गए जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। वही बड़ी बात यह है कि दुर्घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर टोल नाका है लेकिन वहां पर फायर ब्रिगेड तक के इंतजाम नहीं थे बाद में नगर परिषद की दमकल की मदद से आग बुझाई गयी। जानकारी के अनुसार एक इको कार में सवार होकर कुछ युवक निंबाहेड़ा के ओर जा रहे थे इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ी में आग लग गई सवाल लोग नीचे उतर गए और देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने पास ही में स्थित टोल नाके पर भी फायर ब्रिगेड के लिए संपर्क किया लेकिन वहां फायर ब्रिगेड मौजूद ही नहीं थी इसके बाद नगर परिषद को और पुलिस को सूचना दी गई जहां से परिषद की दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया वहीं सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना से जुड़ी जानकारी ली है। हालांकि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। प्रारंभिक रूप से जानकारी में सामने आया है कि गाड़ी में गैस किट लगा हुआ था संभावना जताई जा रही है कि इसी वजह से आग लगी है। गाड़ी में सवार सभी लोग मध्य प्रदेश के उज्जैन के बगलामुखी मंदिर के पास के रहने वाले हैं चित्तौड़गढ़ में सांवरिया जी दर्शन के बाद दुर्ग भ्रमण कर वापस निंबाहेड़ा होते हुए मध्य प्रदेश जा रहे थे इसी दौरान यह हादसा हुआ है ।यहां यह भी उल्लेखनीय है कि टोल बूथ पर एंबुलेंस फायर सर्विस जैसी व्यवस्थाएं होना अनिवार्य है लेकिन इस मार्ग पर स्थित कुछ ही दूरी पर टोल नाके पर लोगों द्वारा सूचना देना के बावजूद संसाधन महिया नहीं करना इस बात को इंगित करता है कि टोल बूथ के संचालन में भी लापरवाही बढ़ती जा रही है।