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सीधा सवाल। कपासन। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक गणगौर महोत्सव इस वर्ष कपासन नगर में 21, 22 एवं 23 मार्च को पूरे श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व भगवान शिव एवं माता गौरी की आराधना का प्रतीक है, जो विशेष रूप से महिलाओं और युवतियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।गणगौर पर्व के दौरान नगर की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सोलह श्रृंगार कर माता गौरी की पूजा-अर्चना करेंगी तथा अपने परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी। अविवाहित युवतियां भी इस अवसर पर उत्तम वर की प्राप्ति हेतु व्रत और पूजा करेंगी।इसी क्रम में आयोजन को भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मंजू देवी सोनी, भाजपा पूर्व जिला उपाध्यक्ष पुष्पा वैष्णव, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रानी सिरोया महामंत्री मधु पलोड़ बलजीत जी कौर, संगीता सोमानी, सुनीता भदाड़ा,सुधा जागेटिया,सीमा जागेटिया,राजकुमारी न्याती, दीपिका सोमानी,भाविका विजयवर्गीय,मोनिका विजयवर्गीय,नीता काबरा,हेमा बारेगामा,गीता पलोड, सरोज काबरा,राजकुमारी काबरा,माया गर्ग,रानी पायक,रेखा गर्ग,हेमा गर्ग की उपस्थिति में आयोजन की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा कार्यक्रम को विशेष एवं आकर्षक बनाने हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया।महोत्सव के अंतर्गत नगर में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकगीत एवं नृत्य आयोजित किए जाएंगे, जो इस पर्व की सांस्कृतिक गरिमा को और अधिक बढ़ाएंगे। विशेष रूप से अंतिम दिन गणगौर की भव्य शोभा यात्रा सवारी निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक भाग लेंगे।नगर पालिका एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा इस आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।गणगौर महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व हमें परंपराओं से जुड़ने और सामूहिक उत्सव मनाने की प्रेरणा देता है।