'बाबूजी' जरा नियम समझो
हर खबर की विश्वसनीयता का आधार " सीधा सवाल ", 10 हजार से अधिक डाउनलोड के लिए सभी का आभार। सूचना, समाचार एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करे - 9602275899, 9413256933

चित्तौड़गढ़ - अजब बेबसी..बंदर और मदारी की रस्साकशी....!

  • बड़ी खबर

चित्तौड़गढ़ / कपासन - पुलिस थाना एवं ए एन्ट्रीएफ टीम की सयुक्त कार्यवाही मे एक बेलेनो कार, एक मोटर साईकिल से 36 किलोग्राम अफीम डोडा चूरा व 16 ग्राम एमडीएम मौली पाउडर जब्त

  • बड़ी खबर

चित्तौड़गढ़ - लकड़ियों से चला रहे भंडारा, हर दिन तीन हजार से ज्यादा ले रहे प्रसाद

  • बड़ी खबर

चित्तौड़गढ़ - लेन-देन के विवाद ने लिया खूनी रूप: रिपोर्ट देने जा रही महिला को कार से कुचलकर हत्या

  • बड़ी खबर
प्रमुख खबरे
* चित्तौड़गढ़ - अजब बेबसी..बंदर और मदारी की रस्साकशी....! * चित्तौड़गढ़ / कपासन - पुलिस थाना एवं ए एन्ट्रीएफ टीम की सयुक्त कार्यवाही मे एक बेलेनो कार, एक मोटर साईकिल से 36 किलोग्राम अफीम डोडा चूरा व 16 ग्राम एमडीएम मौली पाउडर जब्त * चित्तौड़गढ़ - लकड़ियों से चला रहे भंडारा, हर दिन तीन हजार से ज्यादा ले रहे प्रसाद * चित्तौड़गढ़ - लेन-देन के विवाद ने लिया खूनी रूप: रिपोर्ट देने जा रही महिला को कार से कुचलकर हत्या * चित्तौड़गढ़ / चिकारड़ा - मंगलवाड़-निंबाहेड़ा राजमार्ग के नपावली में सड़क हादसा, दो की मौत * चित्तौड़गढ़ / कपासन - महिला ने ट्रेन के आगे कूद कर दी जान, उसके बच्चों के कुएं में मिले शव * चित्तौड़गढ़ - डिग्री मांगी तो 17 कश्मीरी छात्रों को मिली जेल, मेवाड़ यूनिवर्सिटी में बिना मान्यता प्रवेश देने का मामला * चित्तौड़गढ़ - लोहे के पिंजरे में मिल गाय का शव, मंडफिया थाना इलाके की घटना * चित्तौड़गढ़ - स्कूल से घर लौट रही शिक्षिका के गले से छीनी चेन, ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए रुकी थी, रेकी कर रहे बदमाशों ने की वारदात * चित्तौड़गढ़ - मंदिर दर्शन कर लौट रही विवाहिता की चेन स्नेचिंग, छीना झपटी में गले पर पड़ा निशान * चित्तौड़गढ़ - अवैध चंद्रनगर में नया खुलासा...।, अनुबंध भूखंड का रजिस्ट्री कृषि भूमि की * चित्तौड़गढ़ - 10वीं शताब्दी में बने समिद्धेश्वर मंदिर को तोड़ने के लिए हुआ था मुस्लिमों का आक्रमण, जहां एक शिला पर बनी त्रिमूर्ति की आज भी होती है पूजा * चित्तौड़गढ़ - नारकोटिक्स ने दबिश दी तो डोडा-चुरा भरी स्कॉर्पियो में लगाई आग, 323 किलो डोडा चूरा पकड़ा, दूसरी कार्यवाही में 9 किलो से ज्यादा अफीम व डेढ़ क्विंटल डोडा- चूरा बरामद * चित्तौड़गढ़ - कपास व सरसों के बीच में अफीम की अवैध बुवाई पकड़ी, साढ़े तीन हजार से ज्यादा पौधे बरामद, दो गिरफ्तार * चित्तौड़गढ़ - आपसी विवाद में युवक को उठा ले जाने से मचा हड़कंप, तलाश में जुटी पुलिस, न्यू क्लॉथ मार्केट का मामला
हर खबर की विश्वसनीयता का आधार " सीधा सवाल ", 10 हजार से अधिक डाउनलोड के लिए सभी का आभार। सूचना, समाचार एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करे - 9602275899, 9413256933
प्रमुख खबरे
* चित्तौड़गढ़ - अजब बेबसी..बंदर और मदारी की रस्साकशी....! * चित्तौड़गढ़ / कपासन - पुलिस थाना एवं ए एन्ट्रीएफ टीम की सयुक्त कार्यवाही मे एक बेलेनो कार, एक मोटर साईकिल से 36 किलोग्राम अफीम डोडा चूरा व 16 ग्राम एमडीएम मौली पाउडर जब्त * चित्तौड़गढ़ - लकड़ियों से चला रहे भंडारा, हर दिन तीन हजार से ज्यादा ले रहे प्रसाद * चित्तौड़गढ़ - लेन-देन के विवाद ने लिया खूनी रूप: रिपोर्ट देने जा रही महिला को कार से कुचलकर हत्या * चित्तौड़गढ़ / चिकारड़ा - मंगलवाड़-निंबाहेड़ा राजमार्ग के नपावली में सड़क हादसा, दो की मौत * चित्तौड़गढ़ / कपासन - महिला ने ट्रेन के आगे कूद कर दी जान, उसके बच्चों के कुएं में मिले शव * चित्तौड़गढ़ - डिग्री मांगी तो 17 कश्मीरी छात्रों को मिली जेल, मेवाड़ यूनिवर्सिटी में बिना मान्यता प्रवेश देने का मामला * चित्तौड़गढ़ - लोहे के पिंजरे में मिल गाय का शव, मंडफिया थाना इलाके की घटना * चित्तौड़गढ़ - स्कूल से घर लौट रही शिक्षिका के गले से छीनी चेन, ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए रुकी थी, रेकी कर रहे बदमाशों ने की वारदात * चित्तौड़गढ़ - मंदिर दर्शन कर लौट रही विवाहिता की चेन स्नेचिंग, छीना झपटी में गले पर पड़ा निशान * चित्तौड़गढ़ - अवैध चंद्रनगर में नया खुलासा...।, अनुबंध भूखंड का रजिस्ट्री कृषि भूमि की * चित्तौड़गढ़ - 10वीं शताब्दी में बने समिद्धेश्वर मंदिर को तोड़ने के लिए हुआ था मुस्लिमों का आक्रमण, जहां एक शिला पर बनी त्रिमूर्ति की आज भी होती है पूजा * चित्तौड़गढ़ - नारकोटिक्स ने दबिश दी तो डोडा-चुरा भरी स्कॉर्पियो में लगाई आग, 323 किलो डोडा चूरा पकड़ा, दूसरी कार्यवाही में 9 किलो से ज्यादा अफीम व डेढ़ क्विंटल डोडा- चूरा बरामद * चित्तौड़गढ़ - कपास व सरसों के बीच में अफीम की अवैध बुवाई पकड़ी, साढ़े तीन हजार से ज्यादा पौधे बरामद, दो गिरफ्तार * चित्तौड़गढ़ - आपसी विवाद में युवक को उठा ले जाने से मचा हड़कंप, तलाश में जुटी पुलिस, न्यू क्लॉथ मार्केट का मामला

शिक्षा विभाग के अधिकारी बने 'सर्कस के शेर' मंत्रालयिक कर्मचारियों की मौज

सीधा सवाल
चित्तौड़गढ़
एक और जहां जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी निजी स्कूलों पर स्कूल बंद करने के लिए लगाम कसने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं दूसरी और यही अधिकारी अपने ही अधीनस्थ आने वाले कार्मिकों से काम नहीं करवा पा रहे हैं। विद्यालय में कार्यरत संस्था प्रधान जिले के उच्च अधिकारी और बाबुओं के कतिपय संगठनों की मिली भगत के चलते अवकाश नहीं होने के बावजूद यह मंत्रालय कर्मचारी या सीधे शब्दों में कहे तो बाबूजी नौकरी पर जाने से परहेज कर रहे हैं। हालत यह है की जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से डर रहे हैं। इसे स्पष्ट है कि सरकार के नियम एक और जान निधि स्कूल नहीं मान रहे हैं वहीं सरकार के बाबू भी संगठनों की धौंस दिखाकर नियमों पर हावी है।

यह है नियम
सरकारी नियमों की बात करें तो शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों को दीपावली के अवकाश का फायदा दिया जाता है। वही कार्यालय का काम करने वाले मंत्रालय कर्मचारी श्रेणी के कार्मिक इस दौरान अपने कार्यालय में उपस्थित देंगे और आने जाने दोनों समय के हस्ताक्षर करेंगे। लेकिन चित्तौड़गढ़ जिले के विद्यालयों में जिन कार्मिकों को अपनी सेवा देनी है छुट्टी मार रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी या तो इन्हें मोन स्वीकृति दे रहे हैं। या फिर विभाग के अधिकारी केवल औपचारिक है जो बिना नाखून के शेर की तरह सर्कस के शेर बन गए हैं जिन्हें संगठन के कतिपय स्वयंभू पदाधिकारी अपने इशारों पर नचा रहे हैं।

संस्था प्रधानों को नहीं है
भूपाल सागर के गुंदली विद्यालय के संस्था प्रधान से जानकारी लेने पर सामने आया की कल उनके कार्यालय में कार्मिक नहीं था आज की उनको जानकारी नहीं है। हालांकि नियम यह भी कहते हैं यह संस्था प्रधान जो कार्यालय अध्यक्ष है उन्हें भी कार्यालय में मौजूद होना चाहिए लेकिन जो खुद ही कार्यालय में नहीं है वह अपने कार्मिकों से कार्यालय आने के लिए कैसे कह सकते हैं यह एक बड़ा सवाल है।

सरकार ने दिया रंग रोगन के आदेश घरों में चल रहा है काम
उल्लेखनीय है कि दीपावली अवकाश में विद्यालय को सुरक्षित रखने और सामाजिक संदेश देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा विद्यालयों में साफ सफाई रंग रोगन का कार्य करने के दीपावली अवकाश के दौरान निर्देश दिए गए लेकिन क्योंकि अभी घरों में भी यही कार्य चल रहा है इसलिए कार्यालय को केवल रोजी-रोटी का माध्यम मानने वाले लोगों के लिए उसकी स्वच्छता और सुंदरता से कोई लेना-देना नहीं है इसके चलते अधिकांश विद्यालय रिक्त हैं जहां कोई काम नहीं हो रहा है। इससे स्पष्ट है कि सरकार लाख आदेश निकाल दे लेकिन इन्हीं शिक्षकों से निकलकर अधिकारी बनने वाले हैं लोग कुर्सियों पर पहुंचने के बाद इन्हीं के बचाव में जुड़ जाते हैं भले ही सरकार के नियम इसके लिए बाईपास करना पड़े उन्हें इससे भी कोई गुरेज नहीं है।


What's your reaction?