चित्तौड़गढ़ - रुई की रजाइयों की 40 प्रतिशत तक घटी बिक्री, बढ़ने लगा कंबल का क्रेज
हर खबर की विश्वसनीयता का आधार " सीधा सवाल ", 10 हजार से अधिक डाउनलोड के लिए सभी का आभार। सूचना, समाचार एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करे - 9602275899, 9413256933

चित्तौड़गढ़ / कपासन - पुलिस थाना एवं ए एन्ट्रीएफ टीम की सयुक्त कार्यवाही मे एक बेलेनो कार, एक मोटर साईकिल से 36 किलोग्राम अफीम डोडा चूरा व 16 ग्राम एमडीएम मौली पाउडर जब्त

  • बड़ी खबर

चित्तौड़गढ़ - लकड़ियों से चला रहे भंडारा, हर दिन तीन हजार से ज्यादा ले रहे प्रसाद

  • बड़ी खबर

चित्तौड़गढ़ - लेन-देन के विवाद ने लिया खूनी रूप: रिपोर्ट देने जा रही महिला को कार से कुचलकर हत्या

  • बड़ी खबर

चित्तौड़गढ़ / चिकारड़ा - मंगलवाड़-निंबाहेड़ा राजमार्ग के नपावली में सड़क हादसा, दो की मौत

  • बड़ी खबर
प्रमुख खबरे
* चित्तौड़गढ़ / कपासन - पुलिस थाना एवं ए एन्ट्रीएफ टीम की सयुक्त कार्यवाही मे एक बेलेनो कार, एक मोटर साईकिल से 36 किलोग्राम अफीम डोडा चूरा व 16 ग्राम एमडीएम मौली पाउडर जब्त * चित्तौड़गढ़ - लकड़ियों से चला रहे भंडारा, हर दिन तीन हजार से ज्यादा ले रहे प्रसाद * चित्तौड़गढ़ - लेन-देन के विवाद ने लिया खूनी रूप: रिपोर्ट देने जा रही महिला को कार से कुचलकर हत्या * चित्तौड़गढ़ / चिकारड़ा - मंगलवाड़-निंबाहेड़ा राजमार्ग के नपावली में सड़क हादसा, दो की मौत * चित्तौड़गढ़ / कपासन - महिला ने ट्रेन के आगे कूद कर दी जान, उसके बच्चों के कुएं में मिले शव * चित्तौड़गढ़ - डिग्री मांगी तो 17 कश्मीरी छात्रों को मिली जेल, मेवाड़ यूनिवर्सिटी में बिना मान्यता प्रवेश देने का मामला * चित्तौड़गढ़ - लोहे के पिंजरे में मिल गाय का शव, मंडफिया थाना इलाके की घटना * चित्तौड़गढ़ - स्कूल से घर लौट रही शिक्षिका के गले से छीनी चेन, ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए रुकी थी, रेकी कर रहे बदमाशों ने की वारदात * चित्तौड़गढ़ - मंदिर दर्शन कर लौट रही विवाहिता की चेन स्नेचिंग, छीना झपटी में गले पर पड़ा निशान * चित्तौड़गढ़ - अवैध चंद्रनगर में नया खुलासा...।, अनुबंध भूखंड का रजिस्ट्री कृषि भूमि की * चित्तौड़गढ़ - 10वीं शताब्दी में बने समिद्धेश्वर मंदिर को तोड़ने के लिए हुआ था मुस्लिमों का आक्रमण, जहां एक शिला पर बनी त्रिमूर्ति की आज भी होती है पूजा * चित्तौड़गढ़ - नारकोटिक्स ने दबिश दी तो डोडा-चुरा भरी स्कॉर्पियो में लगाई आग, 323 किलो डोडा चूरा पकड़ा, दूसरी कार्यवाही में 9 किलो से ज्यादा अफीम व डेढ़ क्विंटल डोडा- चूरा बरामद * चित्तौड़गढ़ - कपास व सरसों के बीच में अफीम की अवैध बुवाई पकड़ी, साढ़े तीन हजार से ज्यादा पौधे बरामद, दो गिरफ्तार * चित्तौड़गढ़ - आपसी विवाद में युवक को उठा ले जाने से मचा हड़कंप, तलाश में जुटी पुलिस, न्यू क्लॉथ मार्केट का मामला * चित्तौड़गढ़ / कपासन - कपासन रीको क्षेत्र में केमिकल फैक्ट्री में जोरदार धमाका, आग की चपेट में स्क्रैप की फैक्ट्री भी आई
हर खबर की विश्वसनीयता का आधार " सीधा सवाल ", 10 हजार से अधिक डाउनलोड के लिए सभी का आभार। सूचना, समाचार एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करे - 9602275899, 9413256933
प्रमुख खबरे
* चित्तौड़गढ़ / कपासन - पुलिस थाना एवं ए एन्ट्रीएफ टीम की सयुक्त कार्यवाही मे एक बेलेनो कार, एक मोटर साईकिल से 36 किलोग्राम अफीम डोडा चूरा व 16 ग्राम एमडीएम मौली पाउडर जब्त * चित्तौड़गढ़ - लकड़ियों से चला रहे भंडारा, हर दिन तीन हजार से ज्यादा ले रहे प्रसाद * चित्तौड़गढ़ - लेन-देन के विवाद ने लिया खूनी रूप: रिपोर्ट देने जा रही महिला को कार से कुचलकर हत्या * चित्तौड़गढ़ / चिकारड़ा - मंगलवाड़-निंबाहेड़ा राजमार्ग के नपावली में सड़क हादसा, दो की मौत * चित्तौड़गढ़ / कपासन - महिला ने ट्रेन के आगे कूद कर दी जान, उसके बच्चों के कुएं में मिले शव * चित्तौड़गढ़ - डिग्री मांगी तो 17 कश्मीरी छात्रों को मिली जेल, मेवाड़ यूनिवर्सिटी में बिना मान्यता प्रवेश देने का मामला * चित्तौड़गढ़ - लोहे के पिंजरे में मिल गाय का शव, मंडफिया थाना इलाके की घटना * चित्तौड़गढ़ - स्कूल से घर लौट रही शिक्षिका के गले से छीनी चेन, ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए रुकी थी, रेकी कर रहे बदमाशों ने की वारदात * चित्तौड़गढ़ - मंदिर दर्शन कर लौट रही विवाहिता की चेन स्नेचिंग, छीना झपटी में गले पर पड़ा निशान * चित्तौड़गढ़ - अवैध चंद्रनगर में नया खुलासा...।, अनुबंध भूखंड का रजिस्ट्री कृषि भूमि की * चित्तौड़गढ़ - 10वीं शताब्दी में बने समिद्धेश्वर मंदिर को तोड़ने के लिए हुआ था मुस्लिमों का आक्रमण, जहां एक शिला पर बनी त्रिमूर्ति की आज भी होती है पूजा * चित्तौड़गढ़ - नारकोटिक्स ने दबिश दी तो डोडा-चुरा भरी स्कॉर्पियो में लगाई आग, 323 किलो डोडा चूरा पकड़ा, दूसरी कार्यवाही में 9 किलो से ज्यादा अफीम व डेढ़ क्विंटल डोडा- चूरा बरामद * चित्तौड़गढ़ - कपास व सरसों के बीच में अफीम की अवैध बुवाई पकड़ी, साढ़े तीन हजार से ज्यादा पौधे बरामद, दो गिरफ्तार * चित्तौड़गढ़ - आपसी विवाद में युवक को उठा ले जाने से मचा हड़कंप, तलाश में जुटी पुलिस, न्यू क्लॉथ मार्केट का मामला * चित्तौड़गढ़ / कपासन - कपासन रीको क्षेत्र में केमिकल फैक्ट्री में जोरदार धमाका, आग की चपेट में स्क्रैप की फैक्ट्री भी आई



सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। प्रदेश में सर्दी का सितम अब धीरे धीरे बढ़ने लगा है। सर्दी के मौसम में खान पान और पहनावे को लेकर विशेष ध्यान रखा जाता है। समय के साथ पहनने के वस्त्र भी बदले हैं तो रात को सोते समय ओढ़ने के लिए भी रजाइयों की जगह कंबल ने ले ली है। कुछ वर्षों में रजाइयों की बिक्री ठप्प सी हो गई है और हर घर कंबल की मांग होने लगी है। 


एक समय था जब सर्दी शुरू होने से पहले ही परिवार के लोग रजाइयों को निकाल लेते थे। रजाइयों को धूप में देना, रूई खराब होने पर सुधरवा आदि कार्यों में लग जाते थे। चार माह तक रजाईयां बनाने वालों को फुर्सत तक नहीं मिलती थी। लेकिन अब स्थिति अलग हो गई है। रजाई बनाने वालों के यहां लोग नहीं पहुंच रहे और रेडिमेंट कंबल खरीद रहे हैं। शहर हो या गांव, अब अधिकांश घरों में ब्लैकेट और रेडिमेड कंबल ने रजाइयों की जगह ले ली है। 


पहले रूई धुनते दिखते थे कारीगर


जिले के शहर एवं गांवों की बात की जाए तो सर्दी से पहले जगह पर रुई की धुनाई की दुकाने और रजाई भरने वाले कारीगर आसानी से मिल जाते थे। शहर के अलावा बड़े कस्बों तक में दुकानें होती थी। लेकिन अब इन रजाइयों की मांग कम होने से ग्राहकी कम दिख रही है।  


कभी-कभार ही आते हैं ग्राहक



ब्लैंकेट और कंबलों की बढ़ती मांग

ऊनी वस्त्रों के व्यवसाय से जुड़े निरंजन सिंह ने बताया कि कम वजन, आसानी से धुलने और अच्छी प्रिंट के कारण रेडिमेड कंबलों की मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि रुई की रजाइयों की जगह अब कंबल ने ले ली है। सर्दी की दस्तक के साथ ही बाजारों में आकर्षक ब्लैंकेट और कंबल की भरमार नजर आने लगी है। अधिकतर घरों में कंबल व ब्लैंकेट की मांग है।


रूई के स्थान पर फाइबर की बना रहे रजाई


रजाई एवं हैंडलूम का काम करने वाले राजकुमार कटारिया ने बताया कि करीब 30 साल पहले रजाई का काम शुरू किया तो अच्छी ग्राहकी होती थी। हर घर से काफी ऑर्डर आते थे। अब स्थिति यह है कि इसमें करीब 40% तक की कमी आई है। पहले ऊन की रजाईयां बनती थी। अब ऊनी कंबल आने लगे हैं, जो वजन में हल्के होते हैं। आसानी से धूल जाती है और कहीं भी समेट कर रख सकते हैं। रूई वाली रजाइयों में गुठले पड़ जाते हैं। जगह भी ज्यादा चाहिए इन्हें रखने के लिए। कटारिया ने बताया कि अब हम पुरानी साड़ियां होती है, जो लोग लाकर देते हैं। इसमें हम फाइबर सीट डाल का बना रहे हैं। इसमें वजन भी कम होता है। आसानी से धो सकते हैं। साथ ही यह गर्म भी अच्छी रहती है।


What's your reaction?