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समरसता संगोष्ठी ‘संगत और पंगत’ में उमड़ा जनसैलाब, सामाजिक एकता का दिया संदेश
सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़।
विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं मातृशक्ति दुर्गावाहिनी के तत्वावधान में रविवार को इंदिरा प्रियदर्शिनी ऑडिटोरियम में ‘समरसता संगोष्ठी संगत और पंगत’ कार्यक्रम उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित हुआ। कार्यक्रम में चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा, प्रतापगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान ऑडिटोरियम ‘भारत माता की जय’, ‘जय श्रीराम’ और ‘जयकारे वीर बजरंगी’ के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद दुर्गा वाहिनी नगर संयोजिका अंजलि सेन के शुभांजलि ग्रुप की बहनों ने शौर्य का प्रतीक खड्ग नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण में जोश भर दिया। विभाग मंत्री विश्वनाथ टांक ने स्वागत भाषण देते हुए सभी आगंतुकों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राधेश्याम अमेरिया ने की, जबकि दुर्गा वाहिनी विभाग संयोजिका लोपामुद्रा जोशी ने समरसता विषय पर काव्यगीत प्रस्तुत कर सामाजिक एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन नगर मंत्री अभिनन्दन काबरा और नगर सहमंत्री जयेश भटनागर ने किया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन सह मंत्री विनायक राव देशपांडे का स्वागत विहिप जिला मंत्री चंद्रशेखर सोनी, बजरंग दल जिला संयोजक मनोज साहू तथा मातृशक्ति-दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिकाओं शिवानी साहू और दीपिका छिपा के नेतृत्व में तलवार, विजय स्तंभ की प्रतीक प्रतिमा और जौहर की छवि भेंट कर किया गया।
अपने उद्बोधन में देशपांडे ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि जाति, वर्ण और आर्थिक असमानता की बेड़ियों को तोड़कर ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि छुआछूत और ऊंच-नीच की भावना को समाप्त कर ‘हिन्दू हम सब भाई-भाई’ के भाव को आत्मसात करना होगा। संगत और पंगत के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि जब समाज साथ बैठता है और साथ भोजन करता है, तब हृदय की दूरियां समाप्त होती हैं और आपसी अपनत्व बढ़ता है। संत विनोद यति महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि धर्म का मूल भाव समाज को जोड़ना है, तोड़ना नहीं। कार्यक्रम के अंत में बजरंग दल विभाग संयोजक योगेश दशोरा ने समरसता मंत्र का वाचन कराया। विहिप जिलाध्यक्ष किशन पिछोलिया ने आभार व्यक्त करते हुए समाज में समरसता के संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। संगोष्ठी के बाद ऑडिटोरियम परिसर में सामूहिक भोज प्रसाद का आयोजन हुआ, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन कर सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विहिप के राजस्थान क्षेत्र मंत्री सुरेशचंद्र उपाध्याय, दुर्गा वाहिनी राजस्थान संयोजिका लता पांडिया, प्रांत मंत्री कोशल गौड़, प्रांत सहमंत्री सुंदर कटारिया, संघ के विभाग कार्यवाह दिनेश भट्ट सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।