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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। एक वर्ष से नारकोटिक्स महकमे में जारी व्यवस्थाओं में बदलाव करते हुवे एमडी ड्रग्स फैक्ट्री के मामले में गिरफ्तार आरोपित का फोटो और नाम जारी किया है। लेकिन फोटो और नाम जारी करने में तीन दिन का समय लग गया। ड्रग्स फैक्ट्री मामले में एक ही आरोपित गिरफ्तार हुआ है तथा बड़ा सवाल अब भी है कि पूरे गिरोह का खुलासा होगा या एक ही आरोपित पर जांच खत्म हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय संकल्प 'नशा मुक्त भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN), राजस्थान इकाई के अधिकारियों ने अवैध रूप से मादक पदार्थों का निर्माण करने वाली एक गुप्त प्रयोगशाला का पर्दाफाश किया है।विशिष्ट एवं विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर CBN चित्तौड़गढ़ 1, 2, 3 एवं चित्तौड़गढ सेल की संयुक्त टीम ने ग्राम सुरजना से दूर स्थित एक एकांत बाड़ा मकान पर रणनीतिक छापा मारा गया था। कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को मौके पर पकड़ा गया तथा परिसर की तलाशी में भारी मात्रा में मेफेड्रोन एवं उसके अवैध निर्माण में प्रयुक्त सामग्री बरामद की गई। तस्करी में प्रयुक्त एक बाइक को भी बरामद किया है।
यह हुई बरामदगी, लाखों में मूल्य
मौके से नारकोटिक्स की टीम ने
मेफेड्रोन (MD) पाउडर 107 ग्राम, मेफेड्रोन (MD) क्रूड 3.961 किलोग्राम, अल्प्राजोलम पाउडर 1.826 किलोग्राम, मेफेड्रोन के सिंथेसिस में प्रयुक्त रसायन लगभग 200 किलोग्राम बरामद किया। इनका अनुमानित मूल्य लाखों रुपए बताया है। मौके पर गुप्त रूप से मादक पदार्थ निर्माण के प्रयुक्त हाई-टेक प्रयोगशाला उपकरण भी बरामद हुवे हैं। इस प्रकार कुल 5.894 किलोग्राम मनोप्रभावी पदार्थ बरामद किए गए।
सहयोगी एक या इससे ज्यादा ?
नारकोटिक्स की प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि जब्त अवैध मेफेड्रोन का निर्माण उक्त परिसर में अवैध रूप से किया जा रहा था। आरोपी अपने एक सहयोगी के साथ मिल कर इस गुप्त प्रयोगशाला का संचालन कर रहा था। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, बरामद अवैध मेफेड्रोन के निर्माण में प्रयुक्त रसायनों को जब्त कर लिया गया है। उक्त प्रकरण में एक व्यक्ति, सोनू सिंह उर्फ अकबर, निवासी मन्दसौर (म.प्र.) को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की प्रासंगिक प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण में आगे की जांच जारी है, जिसमें कच्चे माल के स्रोतों, वित्तीय कड़ियों तथा आगे की तस्करी नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
तो कई लोगों पर पहुंचेगा हाथ
इधर, नारकोटिक्स की टीम जांच में जुटी हुई है और एक सहयोगी के शामिल होने की बात कही जा रही है। वहीं बताया जा रहा है कि तैयार किए मादक पदार्थ की सप्लाई और बिक्री के नेटवर्क के पीछे लगे तो कई लोगों तक नारकोटिक्स के हाथ पहुंच सकते हैं। लेकिन लंबे समय से चल रहे इस मिली भगत के खेल में पूरे नेटवर्क को तोड़ पाना नारकोटिक्स के बस में दिखाई नहीं दे रहा।