462
views
views
सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बहरूपिया कलाकार छगनलाल भांड एवं उनके सुपोत्र विक्रम भांड को इस वर्ष “डॉ अंबेडकर कीर्ति सम्मान–2026” से सम्मानित किया जाएगा। चित्तौड़गढ़ जिले की इस दादा–पोते की जोड़ी ने अपनी कला से न केवल परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि बहरूपिया कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
छगनलाल भांड ने अपनी अद्भुत कला के दम पर इस परंपरा को वैश्विक मंच तक पहुंचाया, वहीं उनके सुपोत्र विक्रम भांड ने उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए विलुप्त होती बहरूपिया कला को वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर पुनर्जीवित किया है। 86 वर्ष की आयु में भी छगनलाल भांड का मंच पर सक्रिय रहना कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
एक ही परिवार की दो पीढ़ियों का इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयन होना क्षेत्र के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।
यह सम्मान 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर नागौर जिले के रोहिणी गांव में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार के लिए देशभर से 100 विशिष्ट हस्तियों का चयन किया गया है, जिन्होंने कला, शिक्षा, विज्ञान, व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
कार्यक्रम अखिल भारतीय कबीर मठ सदगुरु कबीर आश्रम सेवा संस्थान, बड़ी खाटू एवं डॉ अंबेडकर प्रतिमा अनावरण सेवा समिति, रोहिणी के संयुक्त तत्वावधान में महंत डॉ. नानक दास जी महाराज के सानिध्य में दो दिवसीय रूप में आयोजित होगा।
13 अप्रैल की संध्या को सांस्कृतिक संध्या, काव्य पाठ, कबीर भजन एवं गायन कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं 14 अप्रैल को सुबह 8 बजे शोभायात्रा, 9 बजे पंजीयन एवं 10 बजे दीप प्रज्वलन के साथ मुख्य समारोह का शुभारंभ होगा।
समारोह में जिला कलेक्टर चंपालाल जीनगर, नागौर विधायक हरेंद्र मिर्धा, राज्य मंत्री डॉ. मंजू मेघवाल, पद्मश्री हिमताराम भांभू, पूर्व डीजीपी रवि प्रकाश मेहरड़ा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12:15 बजे बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया जाएगा।
इसके पश्चात चयनित प्रतिभाओं को “डॉ अंबेडकर कीर्ति सम्मान–2026” से सम्मानित करते हुए भारतीय संविधान की प्रतियां भेंट की जाएंगी।