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सीधा सवाल। चित्तौड़गढ़। खराब मानसिक स्थिति में अपने परिवार से लापता व सिर में कीड़े पड़ने जैसी स्थिति में मिली महिला का लगभग डेढ़ वर्षों तक इलाज करा कर निःशुल्क खुशहाल वृद्धाश्रम में आश्रय देते हुए संचालिका नंदिनी त्रिपाठी ने अपनी मेहनत से उसके परिजनों से काउंसलिंग करा दो बच्चों को उसकी माँ से मिलाते हुए महिला को परिवार के सुपुर्द कराया।
चित्तौड़गढ़ जिले के कालिकानगर, पुष्पा विहार स्थित खुशहाल वृद्धाश्रम में लगभग एक माह पूर्व सांवरिया जिला चिकित्सालय के मनोचिकित्सक राजेश स्वामी के माध्यम से संचालिका नन्दिनी त्रिपाठी ने 27 वर्षी नौसर भील नामक महिला को उसके सिर में कीड़े पड़ने जैसी स्थिति में इलाज जारी रख रेस्क्यु किया। संचालिका ने उक्त महिला को काउंलिग के साथ परिजनो तक पहुंचने का हर संभव प्रयास किया। अंत में नन्दिनी व उनकी टीम सफलता तक पहुंची। नौसर के ससुराल में उसके पति किशन भील की मानसिक स्थिति खराब है। ससूर की मृत्यु हो गई। नौसर के सात व दो वर्षीय दो बच्चे है। नौसर लगभग 20 माह से लापता थी। परिवार की आर्थि स्थिति के चलते सास हीरीबाई उसका पता लगाने में असक्षम थी और वही उन दो बच्चो को भी माँ की तरह पाल रही थी। खुशहाल वृद्धाश्रम ने 28 अगस्त को भोपालसागर तहसील स्थित सावेता (मोरिया मगरी) पहुंचकर उक्त महिला नौसर को समस्त ग्रामवासियो के समक्ष हीरी बाई को सुपुर्द किया और दो बच्चों को उनकी माँ से मिलवाया। निराश्रित बुजुर्गों के लिए खुशहाल वृद्वाश्रम निःशुल्क सहारा बना हुआ है।