चित्तौड़गढ़ / कपासन - पांच दिवसीय नरसी जी मायरा कथा का समापन,भक्त नरसी के लिए छप्पन करोड़ का भरा मायरा
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सीधा सवाल। कपासन। माहेश्वरी समाज और श्री रामद्वारा ट्रस्ट द्वारा आयोजित पांच दिवसीय मायरा कथा संपन्न हुई। समापन पर रामस्नेही संप्रदाय के युवा मनीषी संत श्री कीमत रामजी महाराज ने नरसी जी महाराज की कथा सुनाई।कथा में बताया गया कि भगवान चंदन के रथ पर सवार होकर रुक्मणी जी, ऋद्धि सिद्धि, नारद और शारदा के साथ जूनागढ़ पधारे। वहां से वे अंजार पहुंचे और नरसी जी को दर्शन दिए। भगवान ने श्री रंगजी के यहां पत्रिका के अनुसार मायरा भरा। उन्होंने अंजार के सभी समाज के लोगों को मायरा पहनाया और भोजन प्रसाद दिया। इस दौरान एक विशेष प्रसंग में दो दिन पूर्व जन्मी एक बच्ची मायरे के कपड़ों से वंचित रह गई। नरसी जी ने अपनी करताल गिरवी रखकर उस बच्ची के लिए कपड़े खरीदे। जब उन्होंने करताल के बिना कीर्तन की चिंता जताई, तब भगवान ने कपड़ों की वर्षा कर पूरे अंजार नगर को कपड़ों से ढक दिया। नैनी बाई के कहने पर नरसी जी ने वर्षा रोकने की प्रार्थना की।