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शिव पार्वती के विवाह को बनाया साक्षी, केसरी अखाड़ा रहा आकर्षण का केंद्र, अश्व ने भी दिखाए अपने करतब
सीधा सवाल। चिकारड़ा। महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर रविवार को चिकारड़ा कस्बे में हर्षोल्लास के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस का आगाज गुर्जर मोहल्ला स्थित मठ से हुआ । इससे पूर्व भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की गई। जुलूस मठ से प्रारंभ होकर देव गली, नीम चौक पहुंचा जहां से हनुमान मंदिर पहुच मटकी फोड़ने का आयोजन हुआ । पुनः लौटकर नीम चौक पर भी मटकी फोड़ी गई। यहां पर विभिन्न कार्यक्रम के आयोजन हुए। नीम चौक से निकलकर सदर बाजार में दो स्थानों पर मटकिया फोड़ते हुए मैंन बस स्टैंड पहुंचे । बस स्टैंड पर कलाकारों द्वारा अखाड़ा प्रदर्शन किया गया । जो आकर्षण का केंद्र रही । इसके साथ ही गोरिल्ला नृत्य भी हुआ । आदिवासियों ने भी अपने नृत्य कला का प्रदर्शन किया । विभिन्न प्रकार के अश्व ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों का मन मोह लिया । बस स्टैंड पर भी मटकी फोड़ी गई । केसरी अखाड़े द्वारा लगभग 3 घंटे तक अपने कार्यक्रम का प्रदर्शन किया । यहां से जुलूस सांवलिया जी चौराहा पहुंचा जहां पर भी मटकी फोड़ते हुए आदिवासी कलाकारों के साथ प्रतापगढ़ के अखाड़े ने अपना करतब दिखाया। यहां यह बता दे की जुलूस में शिव पार्वती आदिवासी कलाकारों के साथ राधा कृष्ण की झांकी के साथ अन्य विभिन्न झांकिया ने ग्रामीणों को मोहित किया। जुलूस में आगे आगे घोड़े ऊंट चलते हुए पीछे बग्गी में शिव पार्वती विराजमान थी। डीजे पर तोप द्वारा फूल गुलाल की वर्षा की जा रही थी । इस मौके पर 400 लीटर ठंडाई बनाई गई । ग्रामीण महिला पुरुष छक कर ठंडाई का आनंद लेते देखे गए। कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीणों ने जमकर गुलाल उड़ने का आनंद लिया। जुलूस को देखने के लिए ग्रामीणों का जन सैलाब उमड़ पड़ा कोई छत पर तो कोई दीवार पर खड़े होकर जुलूस का आनंद लेते रहे । शिव दल के कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस जवान यातायात व्यवस्थाओं में मुस्तेद रहे । जुलूस के दौरान महिला पुरुष जमकर नृत्य करते हुए शिव पार्वती विवाह के साक्षी बने। यहां यह भी बता दे की शिवरात्रि के पावन पर्व पर ग्रामीण द्वारा विभिन्न शिवालयों में जाकर शिव आराधना जलाअभिषेक पूजा अर्चना कर धर्म लाभ लिया। चिकारड़ा के भगवतीलाल छाजेड़ द्वारा बर्फ का शिवलिंग बनाकर पुझा आराधना की । जो भी आकर्षण का केंद्र रहे । ग्रामीण यहां से दूर दराज उज्जैन मंदसौर के साथ स्थानीय शिवालयों के साथ त्रिवेणी संगम पहुंचे। महोत्सव कार्यकारी अध्यक्ष गजेंद्र लखारा ने सभी आगंतुकों के साथ ग्रामीणों का कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकारों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कहा कि सभी ने उपस्थित होते हुए कार्यक्रम में चार चांद लगाए । अंत में कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। रात्रि में भजन संध्या का आयोजन हुआ।