1386
views
views
सीधा सवाल। निंबाहेड़ा और आसपास के गांवों में हुई अचानक मावठ की बारिश ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। बारिश और आलो वृष्टि से खेतों में खड़ी और कटाई के बाद खुले में रखी फसलें प्रभावित हुईं। इससे चना, लहसुन, गेहूं, जौ, सरसों और अफीम की फसलें चौपट हो गई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
क्षेत्र में इन दिनों रबी फसलों की कटाई का काम चल रही हैं। कई किसानों ने गेहूं और जौ की कटाई कर फसल को खेतों में सूखने के लिए रख रखा हैं। अचानक हुई तेज बारिश के कारण यह फसल पूरी तरह भीग गई। कई स्थानों पर गेहूं और जौ की खड़ी फसलें आड़ी पड़ गईं, जिससे उनके उत्पादन में गिरावट की आशंका है। इसके अलावा लहसुन और चने की कटी हुई उपज भी पानी में भीगने से खराब होने लगी है।
किसान भेरू नायक ने बताया कि अचानक तेज बारिश और ओले शुरू हो गई, जिससे किसानों को संभलने का मौका नहीं मिला। खुले में रखी उपज भीग गई है और उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है।
किसानो का कहना है कि सरसों और अफीम की फसल में नमी बढ़ने से दाना काला पड़ने और वजन घटने की आशंका है। किसानों का कहना है कि फसलें पूरी तरह पककर तैयार थीं और मंडियों में अच्छे दाम मिलने की उम्मीद थी, जो अब धूमिल हो गई है।
ग्रामीण किसानो का मानना हे कि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। भीगी हुई फसल को दोबारा सुखाने में किसानों को अतिरिक्त मेहनत और खर्च उठाना पड़ेगा। कई किसानों ने आशंका व्यक्त की है कि उत्पादन में कमी आने से उनके सामने आर्थिक संकट गहरा सकता है।