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सीधा सवाल। निंबाहेड़ा।
पूर्व यूडीएच मंत्री एवं निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने राजस्थान विधानसभा में तारांकित प्रश्न संख्या 207/3645 (पर्यटन) दिनांक 19 फरवरी 2026 के तहत बजट वर्ष 2025-26 में घोषित ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया।
कृपलानी ने सरकार से जानना चाहा कि क्या बजट 2025-26 में ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित किए जाने की घोषणा की गई थी? यदि हां, तो क्या निंबाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र के जनजातीय बहुल क्षेत्र छोटी सादड़ी को भी उक्त सर्किट में शामिल किए जाने का विचार है?
उन्होंने अपने प्रश्न में निंबाहेड़ा एवं छोटी सादड़ी क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग रखते हुए घाटा माता जी (लुणगंदा), धोरश्वर माता जी (निंबोदा), शनिदेव मंदिर (बाड़ी), झुणाजी बावजी (बडावली), बुलबुला महादेव (पीलीखेड़ा), गंगेश्वर महादेव (बछोरी), रेवड़ा महादेव (साकरिया), भंवर माता मंदिर (छोटी सादड़ी), आंबा जल महादेव (सियाखेड़ी), चंडी माता मंदिर (अम्बावली) तथा कदामली नदी (निम्बाहेड़ा) के संगम स्थल (जालिया पिपलिया) सहित अन्य ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक स्थलों के विकास को लेकर सरकार की कार्ययोजना पर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने पूछा कि यदि इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाने की योजना है तो कार्य कब तक प्रारंभ किया जाएगा, और यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं?
इस पर उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री श्रीमती दिया कुमारी ने सदन में जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि वर्तमान में इस संबंध में कोई प्रस्ताव या विचार प्रक्रियाधीन नहीं है। हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि इस विषय में कोई प्रस्ताव प्राप्त होता है तो उस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करवाकर उचित एवं शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
साथ ही कृपलानी ने सदन में मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उल्लेख किया कि आरटीडीसी के होटल, जो लंबे समय से घाटे में संचालित हो रहे थे, वे वित्तीय वर्ष 2025-26 में 23.89 लाख रुपये के लाभ में आ गए हैं, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में सकारात्मक सुधार का संकेत है।
विधानसभा में उठाए गए इस मुद्दे से क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावनाओं को लेकर नई उम्मीद जगी है।