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1217 मामलों का निस्तारण कलेक्टर से लेकर एसडीएम तक पहुंचे ग्रामीणों के बीच, मौके पर समाधान और जवाबदेही ने जीता जनता का भरोसा
पुखराज कुमावत
(सुमेरपुर)। प्रशासन जब दफ्तरों से निकलकर गांव की चौपाल तक पहुंचता है, तब सुशासन का असली चेहरा दिखाई देता है। ग्राम पंचायत नेतरा में आयोजित विशेष जनसुनवाई शिविर ने यही तस्वीर पेश की, जहां अधिकारियों ने केवल शिकायतें नहीं सुनीं बल्कि समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी भी तय की। जिला कलक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी के नवाचार और उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार के नेतृत्व में आयोजित यह शिविर प्रशासन और जनता के बीच भरोसे, पारदर्शिता और जवाबदेही का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।
शिविर में सैकड़ों ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, लेकिन इस बार उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। राजस्व, कृषि, पशुपालन, सामाजिक न्याय, विद्युत और अन्य विभागों के अधिकारी एक ही छत के नीचे मौजूद रहे। ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और समाधान की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी गई।
एक ही दिन में 1217 मामलों का निस्तारण, प्रशासन की सक्रियता दिखी
शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि विभिन्न विभागों द्वारा 1217 प्रकरणों का निस्तारण रही। राजस्व विभाग ने लंबित मामलों के निपटारे के साथ फार्मर रजिस्ट्री पंजीयन करवाए। कई वर्षों से अटके मामलों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई तो ग्रामीणों के चेहरे पर संतोष दिखाई दिया।
पशुपालन विभाग ने पात्र पशुपालकों को मंगला पशु बीमा योजना का लाभ दिलाते हुए प्रमाण-पत्र वितरित किए। वहीं कृषि विभाग ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड देकर खेती को वैज्ञानिक आधार से जोड़ने का प्रयास किया, जिससे किसान अपनी भूमि की गुणवत्ता के अनुसार फसल चयन और उर्वरक उपयोग कर सकेंगे।
योजनाएं भी पहुंचीं और सुविधाएं भी
शिविर को केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं रखा गया। आमजन की सुविधा के लिए आधार मशीन और ई-मित्र केंद्र की विशेष व्यवस्था की गई। कई लाभार्थियों के आधार विवरण मौके पर ही अपडेट किए गए, जिससे उन्हें दूर-दराज कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
विद्युत विभाग ने पीएम सूर्यघर योजना और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी की जानकारी देकर लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने पालनहार योजना, छात्रवृत्ति योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर पात्र परिवारों को लाभ लेने के लिए जागरूक किया।
अन्य विभागों ने भी अपनी फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी दी, जिससे ग्रामीणों को पहली बार एक ही स्थान पर सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई।
एसडीएम कालूराम कुम्हार ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जनसुनवाई के साथ-साथ उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार, विकास अधिकारी और तहसीलदार ने ग्राम पंचायत नेतरा स्थित विभिन्न राजकीय कार्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान लंबित कार्यों, कार्यालय व्यवस्था और जनसुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया गया तथा समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इससे प्रशासन की कार्यशैली में जवाबदेही का संदेश भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
जनता और प्रशासन के बीच भरोसे का मजबूत पुल
ग्रामीणों का कहना था कि पहली बार उन्हें लगा कि प्रशासन उनकी समस्याओं को सुनने के लिए स्वयं गांव तक पहुंचा है। जनसुनवाई शिविर ने यह साबित किया कि यदि इच्छाशक्ति हो तो सरकारी योजनाएं और सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकती हैं।
नेतरा का यह शिविर केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की नई नींव साबित हुआ। यहां समाधान के साथ संवेदनशीलता भी दिखाई दी और जवाबदेही के साथ पारदर्शिता भी।
सीधा सवाल का फोकस
जब कलेक्टर, एसडीएम और विभागीय अधिकारी गांव की चौपाल पर बैठकर जनता की समस्याएं सुनते हैं, मौके पर समाधान करते हैं और जवाबदेही तय करते हैं, तब प्रशासन व्यवस्था नहीं बल्कि विश्वास बन जाता है। नेतरा का विशेष जनसुनवाई शिविर इसी भरोसे, पारदर्शिता और सुशासन की मजबूत तस्वीर बनकर सामने आया है। :::